रेलवे में टीटीई (ट्रेन टिकट एग्जामिनर) की नौकरी लगवाने के नाम पर छह लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने दो लोगों (जीजा-साले) को नामजद किया है। आरोपियों ने नौकरी के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग थी, जिसमें तीन लाख रुपये एडवांस लिए गए थे। देसराज वासी कमोदा ने केयूके थाना में शिकायत दर्ज कराई कि उसका बेटा मोहित मोबाइल की दुकान पर नौकरी करता था। उसकी दुकान पर सतबीर का आना-जाना था। सतबीर ने मोहित को बताया कि उसका बहनोई (जीजा) मनदीप वासी फरीदाबाद ने उसे रेलवे में नौकरी पर लगाया है। वह उसे भी रेलवे में टीटीई की नौकरी पर लगा देगा, जिसके लिए उसे 10 लाख रुपये देने होंगे। इसमें तीन लाख रुपये एडवांस और बकाया सात लाख रुपये नौकरी लगने के बाद देने हैं। उसकी बातों में आकर उसने 17 मई 2019 को बेटे मोहित, अपने भाई लाल चंद व दुकानदार धीरज की मौजूदगी में आरोपी को तीन लाख रुपये दिए थे। आरोपी ने एक माह बाद उनके पास ज्वाइनिंग लेटर भेजकर उसे व उसके बेटे मोहित को ज्वाइन कराने के लिए दिल्ली बुलाया था। दिल्ली में वह उन्हें एक ऑफिस के बाहर बैठाकर खुद अंदर चला गया था, जहां शाम तक वह लोग बाहर ही बैठे रहे। शाम को उन्हें बताया गया कि आज काम नहीं बना है और उनको कल दोबारा आना पड़ेगा। अगले दिन भी काम नहीं हुआ तो वह दिल्ली से वापस घर आ गए थे। आरोपी ने इसी तरह सात-आठ बार दिल्ली बुलाया गया, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। इसी दौरान आरोपियों ने उससे दो लाख रुपये मांग की तथा उसने आढ़ती से एक लाख रुपये लेकर आरोपी मनदीप कुमार के खाते में जमा कराए थे तथा एक लाख रुपये दिल्ली से वापस आने के बाद सतबीर व मनदीप को दिए थे। दिल्ली आने जाने में उनका करीब एक लाख से अधिक खर्च हुआ था। कई महीने बीत गए, मगर उसके बेटे को ज्वाइनिंग नहीं कराई। इससे परेशान होकर उन्होंने ब्याज सहित पैसे वापस मांगे, मगर उनकी बात नहीं सुनी। उसने इस बारे में शिकायत दी, जिस पर पंचायत में पैसों के बदल दो चेक दिए, मगर खाते में पैसे न होने पर चेक बाउंस हो गए। आरोपियों ने पैसे मांगने पर उनको जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।