तीन अध्यादेशों के खिलाफ किसानों ने फिर से जंग छेड़ दी है। मंगलवार को भारी संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लघुु सचिवालय में धरना दिया। इस दौरान उन्होंने 19 सितंबर तक तीनों अध्यादेशों को वापस न लिए जाने पर 20 को हरियाणा बंद करने की चेतावनी दी। उधर, भाजपा सांसद और विधायक लगातार प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर किसानों को समझाने प्रयास में जुटे हैं। वहीं, शाहाबाद से जजपा विधायक ने किसानों का समर्थन करते हुए साफ कहा कि उनका निजी पक्ष यही है कि हरियाणा में अध्यादेश लागू नहीं होना चाहिए।
तीन कृषि अध्यादेशों के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने लघु सचिवालय पर धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों द्वारा लघु सचिवालय पर धरना दिए जाने के चलते जिला प्रशासन ने मंगलवार सुबह से ही लघु सचिवालय की ओर जाने वाले रास्तों पंचायत भवन के सामने और स्टेडियम के साथ लगते रास्ते पर बेरिगेट लगा दिए गए और पुलिस भी तैनात कर दी गई। बेरिगेट से आगे किसी भी वाहन को जाने नही दिया गया। बेरिगेट लगाए जाने के कारण लघु सचिवालय में अपने-अपने कार्यों को आए लोगों को खासी परेशानी हुई। किसान नेता बलकार सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए पहले अध्यादेश के तहत केंद्र सरकार ने एपीएमसी एक्ट में बदलाव कर कंपनियां/व्यापारियों को हरियाणा में बनी अनाज मंडियों के बाहर किसानों की फसल खरीदने की छूट दी है जिससे हरियाणा व पंजाब में बना मंडीकरण ढांचा टूट जाएगा। इससे लाखों की संख्या में मंडियों में काम करने वाले मजदूर, मुनीम, आढतियों की रोजी-रोटी पर गहरा संकट गहरा जाएगा।
दूसरे अध्यादेश के तहत सरकार ने आलू, प्याज, दलहन, तिलहन आदि भंडारण पर लगी रोक को हटा लिया है। इससे किसानों को ही नही बल्कि बड़ी कंपनियों को ही फायदा होगा और अदानी और अंबानी जैसे पूंजीपति लोग इनका अत्यधिक भंडारण करके इन चीजों की कालाबाजारी करेंगे। बलकार ने कहा कि तीसरे अध्यादेश के तहत किसान अपनी ही जमीन पर कंपनियों के मजदूर बन जाएंगे और किसानों का अपना वजूद खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह धरना 19 सितंबर तक जारी रहेगा। यदि सरकार ने तीन अध्यादेशों को वापस नहीं लिया तो 20 सितंबर को हरियाणा में जाम लगाया जाएगा। इस दौरान अजय नंबरदार, विक्की बुरा किरमच, विशाल चिब्बा, लाभ सिंह चिब्बा, सत्ता कराहसाहिब, रमन व दिनेश हथीरा सहित भारी संख्या में किसान मौजूद रहे।
जजपा विधायक रामकरण उतरे किसानों के पक्ष में
शाहाबाद। जजपा के विधायक रामकरण काला पूरी तरह से किसानों के पक्ष में उतर आए हैं। विधायक ने कहा कि उनका निजी पक्ष यही है कि हरियाणा में अध्यादेश लागू नहीं होना चाहिए। आढ़ती, किसान व मजदूर एक साथ रहना चाहते हैं इसलिए सरकार को किसानों की मांग के अनुरूप ही काम करना चाहिए। विधायक ने कहा कि पिपली रैली के पश्चात वह कई गांवों में गये हैं और सैकड़ों किसानों से मुलाकात की है और सभी की यही मंशा है कि प्रदेश में अध्यादेश लागू न हों। विधायक ने कहा कि किसानों की इस मांग को लेकर वह डिप्टी सीएम दुष्यंत चोटाला से मिलने जा रहे हैं और उनका प्रयास होगा कि किसानों मांग पर मुहर लगवाई जाए। इस अवसर पर विधायक के राजनीतिक सचिव विष्णु भगवान गुप्ता, प्रवीन शर्मा लक्की, डॉ. गुलशन कवात्तरा, सुरेंद्र पाल सिंह लाली, मनजीत सिंह, मास्टर सतिंद्र सिंह आदी मौजूद रहेे।
किसानों की आर्थिक आजादी के लिए खुला देश का बाजार : सुधा
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि सरकार ने अध्यादेश लागू करके किसानों की आर्थिक आजादी के लिए देश का बाजार खोलने का काम किया है। इससे किसानों को अपने उत्पाद देश में कहीं भी बेचने का अवसर मिला है। यह किसानों की आर्थिक आजादी के लिए सरकार द्वारा उठाया गया सही कदम है। उन्होंने कहा कि नए अध्यादेशों से किसानों को सीधे तौर पर फायदा मिलेगा, इन अध्यादेशों को सिर्फ समझने की जरूरत है। ऐसे समय में किसानों को किसी के बहकावे में आने की जरूरत नहीं। सरकार हमेशा किसानों की हितैषी रही है और हमेशा रहेगी।