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तीन दिन अवकाश के बाद कैश की किल्लत बढ़ी

Wed, 14 Dec 2016 12:31 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
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तीन दिन अवकाश के बाद कैश की किल्लत बढ़ी - फोटो : Amar Ujala
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नोटबंदी के बाद जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तीन दिन के अवकाश के बाद जैसे ही मंगलवार को बैंक खुले नकदी के लिए लोगों की लंबी-लंबी बैंकों के आगे लग गई। सर्दी और धुंध की परवाह किए बिना लोग नकदी के लिए सुबह 6 बजे से ही लाईनों में लग गए थे। तीन दिन के अवकाश के बाद भी पीएनबी बैंक में रोजाना की तरह पहले से ज्यादा लोगों का जमावड़ा लगा हुआ रहा, लेकिन कैश पहले के जितना ही था। जबकि एसबीआई बैंक में पहले की अपेक्षा 4 गुना ज्यादा कैश आया।
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पीएनबी बैंक के आगे लाईन में लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को ही कैश दे रहे हैं। वो सुबह से ही लाईन में खड़े हैं, उन्हें कैश नहीं दिया जा रहा है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी उन्हें केवल दो हजार रुपये दे रहे हैं, जबकि उन्हें इससे ज्यादा के लिए फार्म भरा था। लेकिन फिर भी बैंक अधिकारी केवल उन्हें दो हजार रुपये दे रहे हैं। इस बारे पीएनबी बैंक प्रबंधक रितेश गेरा ने बताया कि आज भी बैंक में रोजाना की तरह की पहले जितना ही कैश आया और वह उपभोक्ताओं को दिया जा चुका है। कुछ कैश जो बचा हुआ है, वह किसी जरूरतमंद लोगों के लिए रखा गया है। इसके बाद यदि कोई जरूरतमंद नहीं आता है तो अगले दिन के लिए रखा दिया जाता है।

तीन दिन पहले शुक्रवार को भी बैंक ने 550 उपभोक्ताओं को कैश तथा 150 लोगों को टोकन दिया था और आज भी उन्होंने लगभग इतने ही लोगों को कैश दे चुके है। शुक्रवार को जिन लोगों को कैश नहीं मिला था उन्हें टोकन दिया गया था। इसलिए सबसे पहले उन उपभोक्ताओं को कैश दिया गया है। इसके बाद भी जो लोग बैंक के बाहर लाईन लगाकर खड़े है, उन्हें टोकन दिया जाएगा। वहीं एसबीआई बैंक के आगे भी लोगों की भीड़ जमा थी, लेकिन राहत की बात थी कि बैंक में पहले से 4 गुना ज्यादा कैश आया था और उपभोक्ताओं को चार हजार रुपये दिए जा रहे थे। एसबीआई के प्रबंधक राजीव राणा ने बताया कि बैंक में पहले दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये के करीब आते थे, लेकिन तीन के बाद बैंक में बीस लाख रुपये आए हैं और उपभोक्ताओं को चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं।
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सभी बैंक के एटीएम रहे बंद
तीन दिनों के बाद बैंक तो खुल गए, लेकिन सभी एटीएम बंद ही रहे। शनिवार से सोमवार तक विजया बैंक के एटीएम को छोड़कर सभी एटीएम बंद थे। कई एटीएम के दरवाजे पर कैशलेस का नोटिस चस्पा हुआ था तो कई एटीएम के शटर पर ताले लटके हुए थे, लेकिन मंगलवार को सभी एटीएम बंद ही रहे। इसको लेकर भी लोगों में गहरा रोष था। पीएनबी और एसबीआई के प्रबंधकों ने बताया कि एटीएम के लिए कैश नहीं आया था और जैसे ही एटीएम के लिए कैश आएगा, तुरंत एटीएम में डाल दिया जाएगा। 


सुबह 6 बजे से ही लोग खड़े हो गए थे लाइनों में

नोटबंदी के बाद जनता की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। तीन दिन के अवकाश के बाद जैसे ही मंगलवार को बैंक खुले नकदी के लिए लोगों की लंबी-लंबी बैंकों के आगे लग गई। सर्दी और धुंध की परवाह किए बिना लोग नकदी के लिए सुबह 6 बजे से ही लाईनों में लग गए थे। तीन दिन के अवकाश के बाद भी पीएनबी बैंक में रोजाना की तरह पहले से ज्यादा लोगों का जमावड़ा लगा हुआ रहा, लेकिन कैश पहले के जितना ही था। जबकि एसबीआई बैंक में पहले की अपेक्षा 4 गुना ज्यादा कैश आया। पीएनबी बैंक के आगे लाईन में लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी अपने चहेतों को ही कैश दे रहे हैं। वो सुबह से ही लाईन में खड़े हैं, उन्हें कैश नहीं दिया जा रहा है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारी उन्हें केवल दो हजार रुपये दे रहे हैं, जबकि उन्हें इससे ज्यादा के लिए फार्म भरा था।

लेकिन फिर भी बैंक अधिकारी केवल उन्हें दो हजार रुपये दे रहे हैं। इस बारे पीएनबी बैंक प्रबंधक रितेश गेरा ने बताया कि आज भी बैंक में रोजाना की तरह की पहले जितना ही कैश आया और वह उपभोक्ताओं को दिया जा चुका है। कुछ कैश जो बचा हुआ है, वह किसी जरूरतमंद लोगों के लिए रखा गया है। इसके बाद यदि कोई जरूरतमंद नहीं आता है तो अगले दिन के लिए रखा दिया जाता है। तीन दिन पहले शुक्रवार को भी बैंक ने 550 उपभोक्ताओं को कैश तथा 150 लोगों को टोकन दिया था और आज भी उन्होंने लगभग इतने ही लोगों को कैश दे चुके है। शुक्रवार को जिन लोगों को कैश नहीं मिला था उन्हें टोकन दिया गया था। इसलिए सबसे पहले उन उपभोक्ताओं को कैश दिया गया है।

इसके बाद भी जो लोग बैंक के बाहर लाईन लगाकर खड़े है, उन्हें टोकन दिया जाएगा। वहीं एसबीआई बैंक के आगे भी लोगों की भीड़ जमा थी, लेकिन राहत की बात थी कि बैंक में पहले से 4 गुना ज्यादा कैश आया था और उपभोक्ताओं को चार हजार रुपये दिए जा रहे थे। एसबीआई के प्रबंधक राजीव राणा ने बताया कि बैंक में पहले दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये के करीब आते थे, लेकिन तीन के बाद बैंक में बीस लाख रुपये आए हैं और उपभोक्ताओं को चार हजार रुपये दिए जा रहे हैं।

सभी बैंक के एटीएम रहे बंद
तीन दिनों के बाद बैंक तो खुल गए, लेकिन सभी एटीएम बंद ही रहे। शनिवार से सोमवार तक विजया बैंक के एटीएम को छोड़कर सभी एटीएम बंद थे। कई एटीएम के दरवाजे पर कैशलेस का नोटिस चस्पा हुआ था तो कई एटीएम के शटर पर ताले लटके हुए थे, लेकिन मंगलवार को सभी एटीएम बंद ही रहे। इसको लेकर भी लोगों में गहरा रोष था। पीएनबी और एसबीआई के प्रबंधकों ने बताया कि एटीएम के लिए कैश नहीं आया था और जैसे ही एटीएम के लिए कैश आएगा, तुरंत एटीएम में डाल दिया जाएगा।
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