शाहाबाद। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर एक करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी करने के आरोप में पुलिस ने गुजरात के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुजरात के राजकोट के रहने वाले कातरिया राहुल राणा, प्रदीप बूरा उर्फ कुंदन व अक्षय राजिंद्रा धनगर के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 11 जनवरी को थाना साइबर को साइबर पोर्टल से शिकायत मिली थी। शिकायत में कारोबारी सुशील गर्ग ने बताया था कि उसके मोबाइल पर एक अनजान काल आई थी। फोन करने वाले ने अपने आप को ट्राई का अधिकारी बताया था और कहा था कि उसका फोन दो घंटे में बंद हो जाएगा, क्योंकि उसका फोन नंबर मनी लॉन्ड्रिंग केस में पाया गया है।
अगर इसके बारे में ज्यादा जानकारी लेनी है तो नौ नंबर बटन दबाएं। जैसे ही उसने यह बटन दबाया तो सामने से कॉल पर बताया कि वह विजय खन्ना सीबीआई मुम्बई से बोल रहा है। उसने बताया कि उसके खिलाफ कोलाबा पुलिस स्टेशन मुंबई में एक मनी लॉन्ड्रिंग के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। उसके आधार कार्ड के माध्यम से कैनरा बैंक में एक खाता खुलवाया गया है, जिसमे दो करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इसके लिए उसको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है।
अब काल करने वाले ने उसको एक अलग रूम में जाने को बोला और उसके उसके द्वारा मांगी गई जानकारी उसने उसको फोन पर दे दी। इसके बाद उसके अलग-अलग बैंक खाते से करीब एक करोड़ 29 लाख 42 हजार 870 रुपये निकाल लिए गए। जिसकी शिकायत पर मामला दर्ज करके जांच की गई थी। 25 जनवरी को साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार के दिशा-निर्देश पर सहायक उप निरीक्षक सुनील कुमार की टीम ने मामले में राजकोट के रहने वाले डोडिया मोहित भाई, रोला आशीष भाई व ढोलरिया अंकित को मामले में गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों को अदालत में पेश करके में डोडिया मोहित भाई, रोला आशीष भाई को अदालत के आदेश से कारागार भेज दिया गया था व ढोलरिया अंकित को आठ दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया था। दो फरवरी को साइबर थाना टीम ने उक्त अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों से 82 हजार रुपये व छह मोबाइल बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
टूर्नामेंट के माध्यम से विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने का आरोपी गिरफ्तार
कुरुक्षेत्र। आर्थिक अपराध शाखा की टीम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट के माध्यम से विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में मिर्जापुर वासी सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गत 24 जनवरी को लाभ सिंह निवासी विवेकानंद कालोनी ढांड रोड ने थाना शहर को दी शिकायत में बताया कि 2023 में वह सुरेश कुमार से क्रीडा भारती की मीटिंग के दौरान मिला था। सुरेश कुमार ने खुद को तीरंदाजी का कोच बताया था और कहा था कि वह मिशन ओलंपिक के नाम से एक संस्था चलाता है। उनकी संस्था देश और विदेशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट का आयोजन करवाती रहती है। आरोपी ने उसको कहा कि उसके बेटे को स्पोटर्स के माध्यम से विदेश में सैट करवा देगा जहां पर वह लाखों रुपये कमा सकता है।
इसके लिए उसको 25 लाख रुपये देने होंगे, जिसमें से कि 25 प्रतिशत पहले और बाकी के रुपये बाद में देने होंगे। इसके बाद उसने आरोपी द्वारा दिए गये खातों में अलग-अलग समय पर छह लाख 20 हजार रुपये जमा करवा दिए। आरोपी ने कहा कि अप्रैल में एक टूर्नामेंट है, जिसमे उसके लड़के को भेज देगा। उसके बाद आरोपी ने जून में पक्का विदेश भेजने की बात कहीं। जून के बाद भी न तो उसके लड़के को विदेश भेजा और न ही उसके रुपये वापस कर रहा है, जिसकी शिकायत पर थाना शहर थानेसर में धोखाधड़ी के तहत मामला दर्ज करके जांच आर्थिक अपराध शाखा द्वारा की गई। छह फरवरी को आर्थिक अपराध शाखा टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
तार चोरी करने के मामले में तीन आरोपी प्रोडक्शन वारंट पर लिए
ईस्माइलाबाद। जिला पुलिस की अपराध अन्वेषण शाखा-दाे की टीम ने ट्यूबवेल से तार चोरी करने के आरोप में बिरना गांव जिला चंदौली यूपी हाल वासी सलारपुर रोड वासी सुभाष, गुड्डू, व शंकर को प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। पुलिस प्रवक्ता नरेश कुमार ने बताया कि गत नौ अक्तूबर को पुलिस में दी शिकायत में ठोल गांव वासी जसबीर सिंह ने बताया कि आठ और नौ अक्तूबर की रात को उसके ट्यूबवेल से करीब 50 मीटर की तार काटकर चोरी कर लिया गया था। उसके पड़ोसी सुरेंद्र सिंह वासी ठोल के ट्यूबवेल से करीब 60 फुट तार तथा जगबीर सिंह के ट्यूबवेल से 80 फुट तार, बलजिंद्र सिंह के ट्यूबवेल से करीब 50 फुट तार चोरी कर लिया गया। जिसकी शिकायत पर थाना ईस्माइलाबाद में मामला दर्ज करके जांच की गई। अपराध अन्वेषण शाखा-दो की टीम ने उक्त आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिन्हें अदालत में पेश करके कारागार भेज दिया।