कुरुक्षेत्र। गुरप्रीत हत्याकांड में पकड़े गए मुख्य आरोपी। पीआरओ
कुरुक्षेत्र/पिहोवा। कुरुक्षेत्र व पश्चिम बंगाल की पुलिस ने पिहोवा के गुरप्रीत हत्याकांड के तीन आरोपियों को नेपाल-भूटान सीमा से गिरफ्तार कर लिया है। ये कार्रवाई दोनों देशों की पुलिस की मदद से की गई। पिहोवा में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी नेपाल भाग गए थे। इनमें पिहोवा निवासी कर्ण व जश्नदीप और जींद निवासी आशीष शामिल हैं। पुलिस इस मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों को पहले ही काबू कर चुकी है। अब पुलिस आरोपियों की युवक के परिजनों व घायल से शिनाख्त कराएगी।
वहीं तीन दिन पहले उपचार के दौरान मौत के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम भी लगाया था। अब आरोपियों के पकड़े जाने के बाद परिजन मंगलवार को शव का अंतिम संस्कार करने पर राजी हो गए हैं। अपराध अन्वेषण शाखा-2 प्रभारी निरीक्षक मंदीप सिंह के मुताबिक पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि गुरप्रीत हत्या मामले के आरोपी नेपाल से आगे विदेश भागने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस टीम ने नेपाल, भूटान, पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद अपराध अन्वेषण शाखा-2 व और पश्चिम बंगाल पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल व भूटान पुलिस की मदद से गुरप्रीत हत्या मामले के उक्त आरोपियों को काबू कर लिया।
पुलिस टीम नेपाल-भूटान बॉर्डर से आरोपियों को लेकर पुलिस कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हो चुकी है। वहीं पुलिस ने मुख्य आरोपियों को छिपाने, और भागने में सहयोग करने के तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
ये था पूरा मामला
पिहोवा स्याल कोटी फार्म निवासी गगनदीप सिंह ने 15 सितंबर को पुलिस को दिए बयान में बताया था कि 14 सितंबर को करीब 8-30 बजे वह अपनी इनोवा गाड़ी में दोस्त अभिषेक के साथ पिहोवा से बाजार से सामान लेने जा रहे थे। इस दौरान पिहोवा चौक पर उसके ताऊ का लड़का गुरप्रीत सिंह भी उनके साथ गाड़ी में बैठ गया। जब वह गाड़ी लेकर पिहोवा चौक से बाजार की जा रहे थे। उसी समय एक गाड़ी एचआर-41बीबी-8792 आई और उनकी गाड़ी के आगे कट मारने लगे। वह उनकी गाड़ी को रोकने की कोशिश करने लगा तो गाड़ी चला रहा कर्ण पंडित शीशा खोलकर उसे गाली देने लगा। उसके बाद वे बाजार की ओर गाड़ी लेकर चल दिए। क्वालिटी होटल के पास कर्ण पंडित ने अपनी गाड़ी मोड़कर साइड में खड़ी कर दी। इस पर उसने भी अपनी गाड़ी कर्ण पंडित की गाड़ी के पास लगा दी और उससे गाली देने का कारण पूछने लगा। उसी समय कर्ण पंडित ने तलवार से हमला कर किया। उन्होंने उसके व गुरप्रीत के सिर पर बार-बार वार किए और उसके साथी ने भी डंडों से उनपर हमला कर दिया। घायल होने पर परिजनों ने उसे व गुरप्रीत को इलाज के एलएनजेपी अस्पताल दाखिल करवा दिया। उपचार के दौरान 19 सितंबर को घायल गुरप्रीत की मौत हो गई थी। इसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। सोमवार शाम तक भी घर पर शव रखे रहे। इससे पहले पिहोवा चौक जाम कर दिया था, जो डीएसपी के आश्वासन पर रात करीब 11 बजे खोला था।
कुरुक्षेत्र। गुरप्रीत हत्याकांड में पकड़े गए मुख्य आरोपी। पीआरओ