कुरुक्षेत्र। जिला पुलिस की दो अलग-अलग टीमों ने विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों पर युवाओं को जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर पैसे ऐंठने और फर्जी तरीके से अन्य देशों में भेजकर धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। थाना शहर थानेसर पुलिस ने जोगना खेड़ा निवासी रवि बाजवा को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरे मामले में केयूके थाना टीम ने सैनी काॅलोनी के रहने वाले पंकज सोनी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है।
दोनों मामलों में आरोपी पीड़ितों को इधर-उधर घुमाते रहे लेकिन उन्हें जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया नहीं भेजा। कुछ समय इधर-उधर घुमाने के बाद पीड़ितों को वापस भारत भेज दिया। इसके बाद आरोपियों ने कई बार पंचायत में समझौता कर रकम लौटाने का दावा किया लेकिन आरोपियों ने रकम वापस नहीं की।
केस एक
जर्मनी भेजने के नाम पर सात लाख की ठगी, आरोपी रवि बाजवा गिरफ्तार
करनाल के हकीकत नगर निवासी राजिंद्र कुमार ने शिकायत दी थी कि उनका बेटा पीटीई परीक्षा पास कर चुका था और वह उसे विदेश भेजना चाहते थे। इस दौरान उनकी मुलाकात कुरुक्षेत्र नए बस अड्डे के पास स्थित ग्लैंस ओवरसीज के संचालक अशोक कुमार बाजवा और उसके भाई रवि बाजवा से हुई। आरोपियों ने युवक को जर्मनी भेजने के लिए पहले 17 लाख रुपये की मांग की लेकिन बाद में 13 लाख रुपये में काम करने का भरोसा दिया।
सौदा तय होने के बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों को पांच लाख रुपये नकद और बेटे का पासपोर्ट सौंप दिया। बाद में 2 दिसंबर 2023 को दिल्ली एयरपोर्ट पर एक लाख रुपये और ले लिए गए। आरोप है कि युवक को जर्मनी भेजने के बजाय थाईलैंड, कतर और फिर रूस भेज दिया गया, जहां वह करीब तीन महीने तक फंसा रहा। इसके बाद युवक भारत लौट आया। शिकायतकर्ता ने आरोपियों पर सात लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
केस दो
ऑस्ट्रेलिया वर्क परमिट का दिया झांसा
पुलिस के अनुसार दीदार नगर थानेसर निवासी कर्मबीर ने शिकायत दी थी कि वह अपने भतीजे गुलशन को ऑस्ट्रेलिया वर्क परमिट पर भेजना चाहते थे। इसके लिए आरोपियों के साथ 16 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोपियों को एक लाख 87 हजार रुपये और आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए।
आरोप है कि ऑस्ट्रेलिया भेजने का दावा करने वाले आरोपियों ने युवक को दुबई भेज दिया। बाद में पंचायत में समझौता होने के बावजूद आरोपियों ने पूरी रकम वापस नहीं की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की।