कुरुक्षेत्र। शिव शक्ति जनकल्याण सेवा समिति की ओर से बिशनगढ़ गांव में महायज्ञ अनुष्ठान का आयोजन किया गया। महायज्ञ के सातवें दिन स्वामी हरिओम ने महायज्ञ में हिस्सा लेने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लगातार महायज्ञों में हिस्सा लेने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होने लगती है, जिससे व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने लगती हैं।
वहीं इसके पश्चात श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया, जिसमें कथावाचक शुभम द्विवेदी ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान को निर्मल मन से भक्ति करने वाले भक्त बहुत ही प्रिय होते हैं। छल और कपट करने वालों को परमात्मा की कृपा नहीं मिलती है। इस संसार में परमात्मा की शरण ही सच्ची शरण है। संसार में जो भी होता है वह परमात्मा की शरण से ही होता है।
आयोजन समिति अध्यक्ष पंडित राजेश मौदगिल ने बताया कि 11 कुंडीय शिवशक्ति महायज्ञ की पूर्णाहुतियां 23 मई को सुबह नौ बजे होगी और अनुष्ठान के समापन पर सुबह 10 से 12 बजे तक धर्म सम्मेलन होगा, जिसमें त्रिपुरा पीठाधीश्वर स्वामी हरिओम सहित अन्य संत सनातन धर्म, गो सेवा और सनातन धर्म रक्षा पर आध्यात्मिक प्रवचन देंगे।