कुरुक्षेत्र। बैठक में हिस्सा लेते कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा सहित अन्य सदस्य। स्वयं
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए ऑस्ट्रेलिया के एजुकेशन सेंटर ऑफ ऑस्ट्रेलिया (ईसीए) के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की। यह बैठक सोमवार को विश्वविद्यालय के कमेटी कक्ष में कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और यूजीसी विनियम 2022 के तहत वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना रहा।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि डिजिटल युग में अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग समय की आवश्यकता है। ग्लोबल पाथवे प्रोग्राम के बारे में जानकारी दी और बताया कि अब कुवि के छात्र अपनी डिग्री का एक हिस्सा भारत में और शेष हिस्सा ऑस्ट्रेलिया में ईसीए के साझेदार संस्थानों में पूरा कर सकेंगे। इससे छात्रों को न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा मिलेगी, बल्कि उन्हें विदेशी कार्य-संस्कृति और वैश्विक अनुभव भी प्राप्त होगा।
कुलपति ने कहा कि यह पहल विश्वविद्यालय के विजन 2030 और नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है। इससे विवि की अंतरराष्ट्रीय पहचान मजबूत होगी, रैंकिंग में सुधार आएगा और छात्रों के लिए वैश्विक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बैठक के दौरान एजुकेशन सेंटर ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने अपने उन्नत डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म और लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (एलएमएस) का प्रस्तुतीकरण किया। इस तकनीक के माध्यम से कुवि के छात्रों को विश्वस्तरीय अध्ययन सामग्री, ऑनलाइन संसाधन और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह प्लेटफॉर्म छात्रों की प्रगति की निगरानी और इंटरैक्टिव शिक्षा में सहायक सिद्ध होगा।
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ट्विनिंग और डुअल डिग्री प्रोग्राम पर बनी सहमति
बैठक में यूजीसी के नवीनतम नियमों के अनुसार ट्विनिंग और डुअल डिग्री प्रोग्राम पर भी सहमति बनी। इसके तहत छात्र विदेशी संस्थान से 30 प्रतिशत तक क्रेडिट प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही पीएचडी छात्रों के लिए संयुक्त पर्यवेक्षण (जॉइंट सुपरविजन) की योजना पर भी चर्चा हुई, जिसमें भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ता मिलकर अनुसंधान कार्य करेंगे। बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न संकायों के डीन और ईसीए के अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह साझेदारी कुवि के छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा के नए द्वार खोलने वाली साबित होगी।