कुरुक्षेत्र। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन से संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा ने लेबर कोड बिल और रोडवेज के निजीकरण के विरोध में 12 फरवरी को राष्ट्रव्यापी चक्का जाम और हड़ताल का एलान किया है। इसी कड़ी में यूनियन के राज्य स्तरीय नेताओं का जत्था कुरुक्षेत्र डिपो पहुंचा, जहां कर्मचारियों ने गेट पर उनका जोरदार स्वागत किया।
गेट मीटिंग को राज्य कोषाध्यक्ष सुशील, मुख्य संगठन सचिव रमेश श्योकंद, राज्य ऑडिटर चंद्रभान खटक व कुरुक्षेत्र डिपो के नवनियुक्त प्रधान सरबजीत सिंह, डिपो सचिव राजेश कुमार और कोषाध्यक्ष प्रमोद मलिक ने संबोधित किया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि 12 फरवरी की हड़ताल में कुरुक्षेत्र डिपो के चालक, परिचालक, लिपिक, मैकेनिक और निरीक्षक कंधे से कंधा मिलाकर भाग लेंगे।
यूनियन ने निजीकरण की नीतियों और चारों मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने की मांग करते हुए आठवें वेतन आयोग के गठन, समान काम समान वेतन, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग दोहराई। साथ ही खाली पदों पर भर्ती, रोडवेज में अप्रेंटिस कर रहे छात्रों का स्टाइपेंड न्यूनतम वेतन के बराबर करने और एचकेआरएन के तहत लगे कर्मचारियों को कोर्ट आदेशानुसार पक्का करने की मांग उठाई गई।
संगठन सचिव रमेश श्योकंद ने बताया कि 22 मई 2025 और 22 जनवरी 2026 को महानिदेशक के साथ हुई बैठकों में कई मांगों पर सहमति बनी थीं। इनमें पे ग्रेड बढ़ाना, रात्रि ठहराव भुगतान, 33 अर्जित अवकाश, पदोन्नति, बकाया बोनस भुगतान और तबादला नीति में सुधार शामिल थे लेकिन अब तक उन्हें लागू नहीं किया गया। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
राज्य ऑडिटर चंद्रभान खटक ने सरकार से मांगों को शीघ्र लागू करने की अपील करते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यूनियन ने 22 फरवरी को परिवहन मंत्री के कैंप कार्यालय पर महा डेपुटेशन और आगे बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। अंत में यूनियन ने रोडवेज में कार्यरत सभी संगठनों से 12 फरवरी की हड़ताल में सक्रिय भागीदारी की अपील की।