संवाद न्यूज एजेंसी कुरुक्षेत्र/ पिहोवा। प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने से वंचित रहने वाले श्रद्धालु अब सरस्वती उद्गम स्थल आदि बद्री व सरस्वती तीर्थ पिहोवा में पवित्र डुबकी लगा सकेंगे। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय सरस्वती महोत्सव के चलते सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड ने व्यवस्था की है। इन दोनों पवित्र स्थलों पर एक-एक घाट चिह्नित किया गया है। इन घाटों के पानी में देश विदेश के 422 तीर्थ स्थलों, नदियों व धामों का पवित्र जल समाहित किया जाएगा।
यहां तक कि अफगानिस्तान और सऊदी अरब के तीर्थों का जल भी पिहोवा की पावन धरा पर लाया गया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने बताया कि प्रयागराज में कुंभ मेला चल रहा है। यह एक अच्छा संयोग है। इस कुंभ में करोड़ों की संख्या में लोग शाही स्नान करने के लिए प्रयागराज कुंभ मेले में जा रहे हैं।
इस क्षेत्र के हजारों श्रद्धालु ऐसे भी हैं जो किसी न किसी कारण से प्रयागराज नहीं पहुंच सकते। ऐसे हजारों श्रद्धालुओं के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेशानुसार पवित्र स्नान की व्यवस्था आदि बद्री व सरस्वती तीर्थ पर पिहोवा में की जा रही है।
उन्होंने कहा कि देश विदेश से 422 तीर्थ स्थलों, धामों और नदियों व पवित्र जलाशयों का जल विद्या भारती के निदेशक डाॅ. रामेंद्र सिंह के सहयोग से मंगवाया गया है। इन सभी तीर्थ स्थलों व नदियों के जल को आदि बद्री व पिहोवा सरस्वती तीर्थ स्थल के पानी में बनाए गए विशेष कुंडों में प्रवाहित किया जाएगा। इन दोनों जगहों पर अलग-अलग घाटों को स्नान के लिए चिह्नित किया गया है। अब आदि बद्री और सरस्वती तीर्थ स्थल पिहोवा का जल भी प्रयागराज कुंभ के अमृत स्नान की तरह पवित्र होगा।