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Kurukshetra News: एक साथ छह शव देखकर मची चीख-पुकार

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कुरुक्षेत्र। हादसे में क्षतिग्रस्त हुई कारें। संवाद
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यमुनानगर/कुरुक्षेत्र। चांदपुर बाईपास के पास गुलाब नगर की काली मंदिर वाली गली में शुक्रवार को कीर्तन में माता के जयकारे गूंज रहे थे, वहां सोमवार को एक साथ छह शव देख परिजनों व पड़ोसियों की चींख-पुकार सुनाई दीं। यहां एक ही परिवार के पांच लोगों व एक पड़ोसी की सोमवार सुबह सड़क हादसे में मौत हो गई।
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ये लोग कैथल के कलायत के गांव कुराड़ में संस्कार पर जा रहे थे, पर कुरुक्षेत्र में कैथल मार्ग पर उनकी कार की अन्य कार से टक्कर हो गई। इसमें गुलाब नगर के एक ही परिवार से पंडित पवन कुमार कौशिक (57), उनकी पत्नी उर्मिला (49), बेटी वंशिका (22), मझले भाई राजेंद्र (53), छोटे भाई संजय की पत्नी सुमन (40) और कार चला रहे पड़ोसी प्रवीण (40) की मौत हुई। इनके शव कुरुक्षेत्र में पोस्टमार्टम के बाद सोमवार शाम गुलाब नगर पहुंचे, जिन्हें देख परिजन बिलख पड़े। देर शाम सभी छह मृतकों का संस्कार जम्मू कॉलोनी के श्मशान घाट में हुआ।

कैथल के कलायत के गांव कुराड़ में पवन कुमार कौशिक के साले राजेश शर्मा (52) की सोमवार अल सुबह हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। इसका पता लगने पर पवन अपनी पत्नी उर्मिला, बेटी वंशिका, मझले भाई राजेंद्र व छोटे भाई संजय की पत्नी सुमन के साथ कैथल साले के संस्कार पर जा रहे थे। इसके लिए उन्होंने खराद फैक्टरी में काम करने के साथ ड्राइवरी करने वाले पड़ोसी प्रवीन की कार मंगवाई थी।
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कार प्रवीन चला रहा था। इनके कुरुक्षेत्र में सड़क हादसें में मारे जाने की खबर गुलाब नगर पहुंची तो यहां अलग-अलग बने तीनों भाइयों पवन, राजेंद्र, संजय और पड़ोसी प्रवीन के घरों पर मातम छा गया। हादसे में मारे जाने वालों में पवन शर्मा कथा व्यास थे। उनके भाई राजेंद्र साइकिल पर बीड़ी-सिगरेट बेचने का काम करते थे। पवन व उनकी पत्नी उर्मिला, बेटी वंशिका की मौत के बाद उसके घर पर पवन का 12 साल का बेटा तनमय है, जो सोमवार को स्कूल में परीक्षा होने के चलते परिवार संग कैथल नहीं गया था।

हादसे के बाद मासूम तनमय को उसकी दादी यानी पवन की बुजुर्ग मां संभालती दिखी। तनमय को परिजनों ने हादसे बारे कुछ नहीं बताया, पर वह बार-बार दादी से घर के बाहर लोगों को इकट्ठे होने की वजह पूछता रहा। पवन के घर के ठीक सामने उनके मझले भाई राजेंद्र का घर है, पर तनमय को हादसे का पता न चले इसलिए सफेद टेंट दूसरी गली में बने संजय के घर पर लगाया गया। परिजनों को सगे-संबंधियों शोक जताने के लिए दिनभर जुटे रहे।
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