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प्रभु की प्रत्येक लीला के पीछे कोई न कोई आध्यात्मिक रहस्य होता है निहित : भारती

Thu, 20 Nov 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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इस्माईलाबाद। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा गांव अजरावर में तीन दिवसीय हरि कथा की जा रही है। इसके दूसरे दिन साध्वी सत्या भारती ने कहा कि प्रभु के जीवन पर आधारित अनेकों ही गौरवशाली ग्रंथ हैं। इनमें उनकी प्रत्येक लीला के पीछे कोई न कोई आध्यात्मिक रहस्य निहित है, जिसको हम अपनी अल्प बुद्धि के माध्यम से नहीं समझ सकते। प्रभु के जीवन से जुड़ी प्रत्येक लीला हमारे लिए खास महत्त्व इसलिए भी रखती हैं क्योंकि उनसे हमारी संस्कृति और लोक व्यवहार जुड़ा हुआ है।
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भारती ने बताया कि महापुरुषों की लीलाओं को दिव्य लीला क्यों कहते हैं। क्योंकि उनकी लीलाएं अलौकिक होती हैं, जिसमें प्रत्येक मानव को कुछ सीखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि प्रभु की ऐसी दिव्य लीलाओं को हम अपने घट में भी देख सकते हैं। लेकिन इसके लिए दिव्य चक्षु की आवश्यकता है। तभी हम अपने अंत करण में व्याप्त प्रभु को देख सकते हैं। जिन भक्तों ने ईश्वर के दर्शन किए उनके पास बाहरी नहीं भीतरी आंख भी थी। भक्त सूरदास चक्षु हीन थे। लेकिन उन्होंने प्रभु की लीलाओं का कैसे व्याख्यान किया। क्योंकि उन्होंने अपने घट में देखा था।
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