कुरुक्षेत्र। जून का महीना समाप्त हो रहा है और जुलाई के प्रथम सप्ताह में बारिश की संभावना बन रही है। ऐसे में मौसम भी अनुकूल बना रह सकता है। अधिक तापमान में किसानों को सब्जियों के खराब होने का अंदेशा रहता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार किसान मौसम एवं तापमान को देखते हुए भी जुलाई महीने में कृषि विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के परामर्श से सब्जियां लगाकर अच्छी आमदनी ले सकते हैं।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. सीबी सिंह के अनुसार इस समय करेला, लौकी, तोरई, पेठा, भिंडी, टमाटर, चौलाई, मूली, बैंगन, मिर्च, अगेती फूलगोभी की रोपाई का समय होता है। उन्होंने बताया कि रोपाई के समय बैंगन में 50 किलोग्राम नाइट्रोजन, 50 किलोग्राम फास्फेट व 50 किलोग्राम पोटाश, मिर्च में 35 से 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 40 से 60 किलोग्राम फास्फेट व 40 से 50 किलोग्राम पोटाश तथा फूलगोभी में 40 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फास्फेट, 40 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें।
डाॅ. सिंह ने बताया कि बैंगन, मिर्च एवं अगेती फूलगोभी की रोपाई में कृषि विशेषज्ञों का परामर्श लें। यदि खेत में पानी रुकने की संभावना हो तो अगेती फूलगोभी की रोपाई मेड़ पर करें। टमाटर की फसल के लिए बीज की बुवाई पौधशाला में करते हैं, इसके लिए मुक्त परागित किस्मों के लिए 350-400 ग्राम तथा संकर किस्मों के लिए 200-250 ग्राम बीज की आवश्यकता होगी।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सिंह के अनुसार कद्दूवर्गीय सब्जियों में बुआई के लगभग 25 से 30 दिन बाद पौधों के बढ़वार के समय प्रति हेक्टेयर 15 से 20 किग्रा नाइट्रोजन की टाप ड्रेसिंग करें। सभी सब्जियों में उचित जल निकास की व्यवस्था किसान करें। जुलाई में बरसात वाली भिंडी तथा अरबी की बुवाई पूरी कर लें। पहले बोई गई भिंडी की फसल में बुवाई के 30 दिन बाद प्रति हेक्टेयर 35 से 40 किलोग्राम नाइट्रोजन (76 से 87 किलोग्राम यूरिया) की टाप ड्रेसिंग करें।