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दो विधायक दे चुके गांव को नई पंचायत से विकास की दरकार

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गांव में निर्माणाधीन अभिमन्यु पार्क। संवाद - फोटो : Kurukshetra
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कुरुक्षेत्र। जिला मुख्यालय से करीब आठ किलोमीटर दूर बसे गांव अमीन को अब अभिमन्युपुर के नाम से जाना जाता है। महाभारतकालीन इस गांव के नाम थानेसर क्षेत्र के सबसे बड़े गांव का खिताब भी है तो अपने अंदर कई इतिहास भी समेटे हुए हैं। संयुक्त पंजाब में दो विधायक दे चुके इस गांव की वर्तमान तक के समय में हर प्रकार से तस्वीर बदली है, लेकिन आज भी यहां विकास की दरकार है।
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अब प्रदेश सरकार ने ग्रामीण सरकार चुनने की घोषणा की है तो गांव के लोगों को नई ग्राम पंचायत से बड़ी उम्मीदें हैं। जिसके चलते यहां न केवल नई पंचायत के लिए बड़ी चुनौती है बल्कि हर किसी को साधना भी अहम रहेगा। चुनाव घोषणा होते हैं ही गांव की हर गली से लेकर चौपाल तक चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई है। सरपंच बनने के पांच दावेदार भी अभी तक सामने आ चुके हैं तो वहीं चुनाव कार्यक्रम के दौरान और भी मैदान में उतरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में करीब नौ हजार आबादी है और छह हजार से ज्यादा मतदाता है। थानेसर ही नहीं जिला का सबसे बड़ा यही गांव है। भले ही चुनाव ग्राम पंचायत का है, लेकिन माहौल यहां विधानसभा चुनाव जैसा ही नजर आने लगा है। गांव ही नहीं आसपास भी जगह-जगह पोस्टर. होर्डिंग आदी देखे जा सकते हैं। हालांकि ये होर्डिंग अभी धार्मिक पर्व पर बधाई देने को लेकर लगे हैं।
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ग्रामीणों की मानें तो यहां पेयजल व गंदे पानी की निकासी बड़ी समस्या है। टिल्ले पर बसे लोगों के घरों में पानी की समुचित पहुंच आज तक नहीं हो पाई है तो वहीं गांव के कईं एरिया से गंदे पानी की निकासी भी प्रबंध नहीं हो पाया है। हालांकि गांव के हुए अन्य विकास कार्यो से लोग संतुष्ट है, लेकिन इन समस्याओं को भी दूर किए जाने की टीस मन में है।
स्कूल के समीप ही चौपाल के बाहर बैठे ग्रामीण निशान सिंह, राजीव कुमार, मास्टर वीरेंद्र, कृष्ण चौहान, लाल सिंह, दलबीर सिंह, श्याम लाल, दलजीत व नरसिंह आदि का कहना है कि उनके गांव में 1880 में सरकारी स्कूल बना था, जिसमें पढ़कर ही आज गांव के बच्चे बड़े से बड़े पद तक पहुंचे हैं। इसी स्कूल में ही संयुक्त पंजाब में विधायक रहे चमेल सिंह व फग्गू राम भी इसी स्कूल में पढ़े थे। अभी भी इसमें 180 बच्चे हैं, लेकिन सरकार ने बंद करने का निर्णय लिया है, जो गांव के लिए बड़ा नुकसान है।
निवर्तमान सरपंच का परिवार रहा सबसे अधिक बार सरपंच
बता दें कि निवर्तमान सरंपच पुर्नवशु का परिवार ही सबसे अधिक बार सरपंच रहा है। पुर्नवशु के अनुसार 1980 में उनके ताऊ पृथ्वी सिंह, 1990 में पिता धर्म सिंह, 2000 में माता मिश्रो देवी सरपंच रही तो वहीं 2015 से वे खुद सरपंच है। इस बार उनका परिवार चुनावी मैदान में नहीं है।
कब पूरा होगा अभिमन्यु पार्क
ग्रामीण रणदीप चौहान बताते हैं कि आदिति तीर्थ के साथ ही अभिमन्यु पार्क बनाया जा रहा है। करीब 10 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में बनाए जा रहे इस पार्क का कार्य केडीबी द्वारा किया जा रहा है। यहां अभिमन्यु की चक्रव्यूह से निकलने की प्रतिमा भी लगाई गई है। अब यह पार्क कब पूरी तरह से बन पाएगा, यह समय आने पर ही पता चल सकेगा। गांव की पंचायती जमीन से अवैध कब्जे भी हटवाए जाने चाहिए।
बंद पड़े विकास कार्य
राजीव कुमार का कहना है कि अब तक रही ग्राम पंचायतों ने भरसक प्रयास कर गांव को विकसित किए जाने का कार्य किया है, इसके बावजूद अनेकों काम करवाए जाने की जरूरत है। 18 माह से गांव के विकास कार्य रुके है। गावं में दो कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण कार्य पूरा कराया जाना, पेयजल व पानी निकासी का पूरी तरह से प्रबंध करना सहित अन्य कार्य नई पंचायत द्वारा पूरा कराए जाने की उम्मीद है।
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