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Kurukshetra News: श्रद्धालुओं को सुनाया शिव-पार्वती के विवाह का प्रसंग

Sun, 27 Jul 2025 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। सेक्टर-13 स्थित श्री महेश्वर हनुमान मंदिर में श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष कथावाचक अनिल शास्त्री ने कथा में शिव पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि माता पार्वती ने 108 जन्मों की घोर तपस्या के बाद भगवान शिव को पति के रूप में पाया था। मां पार्वती का भगवान शिव के प्रति अगाध प्रेम था। एक आदर्श पत्नी की तरह मां पार्वती भगवान शिव की सभी बातों का पालन करती थी और जो जब भगवान शिव कुछ बोला करते थे तो उसको पूरे ध्यान से सुनती थी।
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कथा वाचक ने बताया कि एक बार भगवान शिव मां पार्वती को ब्रह्म ज्ञान देने के लिए सृष्टि की कथा सुना रहे थे. कथा सुनते सुनते मां पार्वती किन्ही दूसरे विचारों में खो गई । जैसे ही भगवान शिव को इस बात का एहसास हुआ की मां पार्वती उनकी बातों पर ध्यान नहीं दे रही हैं तब उन्होंने मां पार्वती से पूछा की क्या आप मेरे द्वारा सुनाई जा रही कथा को सुन रही हैं लेकिन मां पार्वती कहीं और खोई हुई थी इसलिए उन्होंने भगवान शिव के सवाल का कोई उत्तर नहीं दिया। कुछ समय बाद जब मां पार्वती का अपने विचारों से ध्यान भंग हुआ और वें अपनी दुनिया में वापस लौटीं तब भगवान शिव ने क्रोधित होते हुए मां पार्वती से कहा कि आपने ब्रह्म ज्ञान का अनादर किया है. जब किसी से शिक्षा या ज्ञान लिया जाता है तब ध्यान भंग नहीं होना चाहिए और अगर ऐसा होता है तो ये दंडनीय है।इसके बाद भगवान शिव ने दंडस्वरूप मां पार्वती को श्राप दिया कि अब आपका जन्म किसी मछुआरे परिवार में होगा। इस अवसर पर आचार्य रंगनाथ शास्त्री, मंडी प्रधान सुशील सिंगला, पंडित दिनानाथ शर्मा, प्रवीण मित्तल, प्रतिभा मित्तल, प्रवीण जिंदल, बीवी जिंदल, गुलशन ग्रोवर, सरोज सिंगला, सरिता शर्मा एवं अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं ।
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