संवाद न्यूज एजेंसी
लाडवा। सत्यनारायण की कथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सत्य, पवित्रता, श्रेष्ठ कर्म और ईश्वर स्मृति के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देने वाला आध्यात्मिक संदेश है। जब मनुष्य अपने जीवन में सत्य, प्रेम और मर्यादाओं को अपनाता है तो उसका जीवन सुख, शांति और समृद्धि से भर जाता है। यह विचार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सुखधाम लाडवा की ओर से शिवाला रामकुंडी स्थित सभागार में आयोजित चार दिवसीय आध्यात्मिक ज्ञान महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर माउंट आबू से पहुंचीं राजयोगिनी बीके उर्मिला दीदी ने व्यक्त किए।
कार्यक्रम के प्रथम दिन बीके उर्मिला दीदी ने सत्यनारायण की कथा का आध्यात्मिक रहस्य विषय पर प्रवचन देते हुए कहा कि कथा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को आत्मिक जागृति की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान को जीवन में अपनाने से व्यक्ति अपने विचारों और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है।
उन्होंने विस्तार से समझाया कि प्रेम, सम्मान, संस्कार और संतुलन के साथ जीवन जीने से परिवार और समाज में सुखद वातावरण का निर्माण होता है। साथ ही छोटे-बड़ों के प्रति स्नेह, सहयोग और आत्मीयता की भावना विकसित होती है। कार्यक्रम में शहर के समाजसेवी विजेंद्र गोयल और उनकी धर्मपत्नी कृष्णा गोयल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आयोजन में लाडवा, मथाना, बाबैन सहित आसपास के करीब 30 गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।