संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। ऑपरेशन सिंदूर पर विजय हासिल करने की खुशी में शुक्रवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। इसमें बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं सहित समाज के हर वर्ग ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। देश के वीर जवानों को समर्पित इस यात्रा ने राष्ट्रीय गर्व, सम्मान और एकता का प्रतीक बनकर पूरे शहर को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। उनके हाथों में लहराते राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे और चेहरे पर दिखती गर्व की झलक ने माहौल को भावनात्मक बना दिया। यात्रा का शुभारंभ सांसद नवीन जिंदल और पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने थीम पार्क से किया और यह सैनी समाज धर्मशाला, महाराणा प्रताप चौक, मेन बाजार, सिकरी चौक, कच्चा घेर, आंबेडकर चौक होते हुए छठी पातशाही गुरुद्वारा साहिब पर संपन्न हुई। सुबह से ही लोग थीम पार्क में एकत्रित होने लगे थे। इसमें भाजपा के नेता, कार्यकर्ता, आम नागरिक और स्कूली विद्यार्थी व स्वयंसेवक देशप्रेम की भावना से ओत-प्रोत नजर आए।
सांसद नवीन जिंदल ने ऑपरेशन सिंदूर को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि इस सैन्य अभियान ने भारत की संप्रभुता, सैनिकों की वीरता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की दृढ़ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया है। यह तिरंगा यात्रा उन रणबांकुरों को समर्पित है जिन्होंने भारत माता की आन-बान-शान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
हमारे सैनिकों ने राष्ट्र को जख्म देने वालों को कड़ा सबक सिखाया है। भारत माता की आन-बान और सम्मान के प्रतीक राष्ट्र ध्वज तिरंगे को झुकने नहीं दिया। पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आत्मसम्मान का प्रतीक बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन एक नए भारत आत्मनिर्भर, साहसी और निर्णायक की तस्वीर पेश करता है। इस ऑपरेशन के साथ भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित किया, कलाकारों, वीजा और व्यापारिक संबंधों पर रोक लगाई, पाक नागरिकों को वापस भेजा और आतंकी नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई की। यह संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा कि भारत अपनी संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करता।