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Kurukshetra News: नामी चिकित्सक से लूटपाट करने के इरादे से शहर आया था बदमाश फौजी

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कुरुक्षेत्र। कई राज्यों का इनामी बदमाश सुनील कुमार उर्फ फौजी एक नामी चिकित्सक से लूटपाट करने के इरादे से शहर में आया था। करीब दो सप्ताह पहले उसने योजना के अनुसार अपने साथी के साथ चिकित्सक के अस्पताल जाकर रेकी भी कर ली थी, मगर चिकित्सक की सूझबूझ से आरोपी सीआईए-दो हत्थे चढ़ गया था।
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दरअसल, खासपुर का रहने वाला फौजी रेकी करने के लिए अपनी जांच कराने के बहाने से अस्पताल पहुंचा था। यहां उसने फर्जी नाम से अपने स्वास्थ्य की जांच कराने के लिए पर्ची बनवाई थी। चिकित्सक के बुलाए जाने तक आरोपी इधर-उधर घूमते हुए रेकी करता रहा, मगर उसका नंबर आने के बाद भी उसने अपनी जांच नहीं कराई तो चिकित्सक को उस पर शक हो गया। सीसीटीवी कैमरे में उसकी हरकत देखने के बाद चिकित्सक ने उसकी सुरक्षा में तैनात दो कर्मियों को उसे बुलाने के लिए भेजा, मगर उनको देखकर आरोपी मौके से खिसक गया। शक होने पर चिकित्सक ने मामले की जानकारी पुलिस को दी थी।
सूचना पर सीआईए-दो की टीम मौके पर पहुंची तो उसने अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी। फुटेज खंगालने के बाद टीम को यकीन हो गया कि जांच कराने आया व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि कई राज्यों में चोरी, लूट और हत्या की वारदात को अंजाम देने वाला बदमाश फौजी है। फिर भी टीम ने उसकी पहचान पुख्ता करने के लिए कई राज्यों की पुलिस के पास फुटेज भेजकर अपना यकीन पक्का करना चाहा। शिनाख्त होने पर टीम ने आरोपी को पकड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी गुप्त सूचना पर आरोपी को पिपली के नजदीक से उसकी डिजायर कार के साथ पकड़ लिया था।
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जांच के दौरान आरोपी के कब्जे से सुरेंद्र सिंह सरवन माजरा जिला करनाल नाम से आधार कार्ड, पंजाब राज भवन, हरियाणा पुलिस व सीआरपीएफ के आईकार्ड बरामद हुए थे। आरोपी के कब्जे से दो स्टार लगी सीआरपीएफ की वर्दी बरामद हुई थी जबकि आरोपी सीआरपीएफ में हवलदार के पद से डिसमिस किया गया था। फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है, जिससे कई मामले में पूछताछ चल रही है।

आरोपी पर तीन दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज
आरोपी फौजी के खिलाफ तेलंगाना, महाराष्ट्र, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में हत्या, लूट और चोरी के तीन दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। राजस्थान के जिला हनुमानगढ़ में चोरी के मामले में आरोपी पर पांच हजार, यूपी के जिला शामली में 15 हजार और महाराष्ट्र व तेलंगाना में 10-10 हजार रुपये समेत 40 हजार रुपये का इनाम घोषित था। थाना शामली में आरोपी ने पुलिस की वर्दी में थाना परिसर से गाड़ी चुराई थी।

पुलिस से बचने के लिए इस्तेमाल करता था वर्दी व आईकार्ड
सीआईए-दो के प्रभारी मोहन लाल ने बताया कि पुलिस से बचने के लिए आरोपी सीआरपीएफ व पुलिस वर्दी और आईकार्ड का इस्तेमाल करता था। आरोपी अपने राजस्थान के रहने वाले साथी की मदद से फर्जी आईकार्ड बनवाता था। आरोपी ने अपनी नौकरी के दौरान ही फर्जी पते पर अपना शस्त्र का लाइसेंस बनवाया लिया था। फर्जी आईकार्ड दिखाकर आरोपी टोल प्लाजा से आसानी से बिना भुगतान के निकल जाता था। इस कारण पुलिस आसानी से आरोपी की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पा रही थी। अक्सर आरोपी होटल में छिपने के दौरान वहीं के वाईफाई से अपने साथियों के साथ संपर्क करता था।
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