कुरुक्षेत्र। महिला एवं बाल विकास विभाग की सीडीपीओ कुसुम कंबोज के निर्देशानुसार सुपरवाइजर सीमा की अगुवाई में चनारथल कालोनी के आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत बेटी के जन्म पर कुआं पूजन की रस्म की गई। कुआं पूजन आमतौर पर बच्चे के जन्म के 11वें दिन या एक महीने के बाद किया जाता है।
सुपरवाइजर सीमा ने कहा कि आजकल लड़का-लड़की में कोई फर्क नहीं है। यदि लड़कियों को उचित अवसर दिया जाए तो वे किसी भी मायने में लडक़ों से कम नहीं हैं और अपने परिवार का सहारा बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लड़कियों के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं। समाज के हर व्यक्ति को बेटियों का सम्मान करना चाहिए और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान में सहयोग करना चाहिए। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संतोष ने उपस्थित महिलाओं को आपकी बेटी हमारी बेटी, सुकन्या समृद्धि योजनाओं के लाभों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं को पोष्टिक आहार के बारे में भी बताया। कार्यक्रम में आसपास की महिलाएं व केंद्र की सहायिका मौजूद रही।