कुरुक्षेत्र। शनिवार देर रात्रि से शुरू हुई रिमझिम बारिश रविवार की सुबह तक जारी रही। मौसम के बिगड़े मिजाज के चलते दिनभर ठंड रही। उधर, रही सही कसर 16 किमी की गति से चली शीतलहर ने पूरी कर दी। रविवार को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे। ठंडी हवा चलने के कारण बाजार में चहल-पहल बेहद कम रही। हल्की बारिश से ही शहर के कई क्षेत्रों में राहगीरों को परेशानी भी झेलनी पड़ी। जिले में ढाई एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम के जानकार आगामी दिनों में मौसम साफ रहने की उम्मीद लगा रहे हैं।
दोपहर के समय लोगों को हल्की राहत उस समय मिली जब धूप निकली, करीब सवा घंटे बाद ही फिर बादल छा गए। उधर, बूंदाबांदी व हल्की बारिश के चलते किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। किसानों की माने तो हल्की बारिश भी गेहूं की फसल के लिए वरदान साबित होगी। पिछले दिनों से पड़ रही ठंड और बारिश के चलते गेहूं की फसल इस बार अच्छी होगी तो पैदावार भी ज्यादा मिलेगी। वहीं सूरजमुखी की बुआई करने की तैयारी कर रहे किसानों के लिए भी बारिश का यह मौसम खुशी लेकर आया है। माना जा रहा है कि अब आसानी से सूरजमुखी बुआई हो सकेगी। वहीं इस मौसम के चलते सब्जी उत्पादक किसानों में चिंता बनी है। उनका कहना है कि लगातार मौसम खराब रहा तो फसलें खराब हो सकती हैं। उधर कृषि विशेषज्ञों की मानें तो फिलहाल किसी भी फसल में बारिश से नुकसान नहीं है और अगले करीब एक सप्ताह तक मौसम हल्के बादलों के साथ साफ रहने की उम्मीद है।
बारिश गेहूं की फसल के लिए संजीवनी
किसान दलीप सिंह, हरदीप सिंह व रामेश्वर ने बताया कि मौसम में हुए बदलाव के चलते हुई बारिश इस बार गेंहू की फसल के लिए संजीवनी मिली है। अब गेहूं की फसल में सिंचाई की जरूरत नहीं होगी। इससे किसानों को फायदा होगा।
आज कोहरा तो अगले कई दिन मौसम साफ रहने की उम्मीद : डॉ. ममता
कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. ममता का कहना है कि पहाड़ों में फरवरी में भी बर्फबारी हो रही है, जिसके चलते अब भी मैदानी इलाकों में ठंड का असर देखने को मिल रहा है। इस बार गेंहू की फसल को बारिश से फायदा मिला है, जिससे गेंहू की फसल की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। सोमवार को कोहरा छाए रहने और उसके बाद आसमान में हल्के बादल देखने को मिल सकते हैं।
मौसम का टमाटर की फसल पर असर पड़ा : डॉ. सीबी सिंह
वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डाॅ. सीबी सिंह का कहना है कि पिछले काफी दिनों से धुंध, कोहरे, शीतलहर तथा बादलों के कारण मौसम का टमाटर की फसल पर असर पड़ा है। उन्होंने थानेसर, झांसा, धुराला, शाहाबाद व लाडवा क्षेत्र के खेतों में जाकर देखा है कि टमाटर की फसल पर ब्लाइट बीमारी की अभी कोई शिकायत देखने को नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार जनवरी व दिसंबर का मौसम रहा है, ऐसे मौसम में टमाटर की फसल अवश्य प्रभावित होती है, लेकिन अभी तक उन्हें किसानों से भी जानकारी मिली है कि उनके खेतों में टमाटर की फसल पक नहीं रही है।