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Kurukshetra News: पीएचडी दाखिले की सूची में फेरबदल के मामले में आज हो सकता है खुलासा

Fri, 05 Jan 2024 02:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पीएचडी में दाखिले के संबंध में सामने आए मामले में शुक्रवार को खुलासा हो सकता है। इस मामले की जांच डीन एकेडमिक अफेयर्स अनिल वशिष्ठ के नेतृत्व में गठित कमेटी कर रही है। इस मामले में कमेटी ने तीन दिन में जांच रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंपे जाने का भरोसा आवेदक को दिया था।
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इस मामले में आवेदक ने विभाग की शिक्षिका पर सूची में फेरबदल के आरोप लगाए हैं। आवेदक छात्र ने कहा कि इंटरव्यू पैनल में शिक्षिका ने बिना सवाल पूछे ही 10 में से दो नंबर दिए हैं, जबकि वहीं पैनल में मौजूद शिक्षक द्वारा 10 में से नौ नंबर दिए गए हैं। आवेदक ने आरोप लगाया कि शिक्षिका द्वारा जब उनसे कोई प्रश्न नहीं पूछा गया फिर दो नंबर किस आधार पर लगाए गए। शिकायतकर्ता छात्र रवि के मुताबिक उनकी एमए की डिग्री भी हिंदी विभाग से ही पूर्ण हुई है और जेआरएफ परीक्षा भी पास की हुई है।
बुधवार को अर्जी कुलपति और कुलसचिव के नाम सौंपी गई है, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि इंटरव्यू के दौरान किसी भी छात्र के दस्तावेज जमा नहीं करवाए गए और शिक्षिका द्वारा बिना सवाल पूछे 10 में से दो नंबर लगाए गए है। इंटरव्यू की मेधा सूची पर किसी भी इंटरव्यू अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे और पेंसिल से नंबर लगाए गए थे। छात्र का आरोप है कि 28 दिसंबर को विभाग के अन्य सदस्यों की अनुपस्थिति में सूची में फेरबदल किया गया है और नेट पास किसी भी आवेदक के इंटरव्यू की सूची में नंबर ही नही लगाए गए। वहीं उन्होंने शिकायत में शिक्षिका से संबंधित 2019 के एक मामले का भी जिक्र किया है। छात्र रवि का कहना है कि उन्हें तीन दिन में जांच पूरी कर लिए जाने का भरोसा दिया गया था और वे शुक्रवार को भी विश्वविद्यालय प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। उधर संबंधित शिक्षिका का कहना है कि विद्यार्थियों की ओर से लगाए गए आरोप गलत है। परिणाम निष्पक्ष भाव से और मेरिट के आधार पर तैयार किए गए हैं। डीन अकेडमिक अफेयर्स प्रो अनिल वशिष्ठ का कहना है कि कमेटी का गठन किया गया है। हर तथ्य के आधार पर जांच की जा रही है। कमेटी पूरी तरह से निष्पक्ष जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेंगी।
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