कुरुक्षेत्र। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) हरियाणा ने ट्रेड डील के विरोध व स्थानीय किसानी मुद्दों पर आगे की रणनीति तय करने के लिए वीरवार को अंतरराष्ट्रीय जाट धर्मशाला के एक बंद कमरे में करीब पांच घंटे मंथन किया।
बैठक में एसकेएम के 15 के करीब किसान संगठनों ने एकमत से फैसला लिया कि शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर उपायुक्त से हांसी जा रही पाइप में चैनत गांव को टी कनेक्शन देकर पानी देने की मांग करेंगे।
इसी के साथ 22 से 24 जुलाई तक प्रदेश के सभी भाजपा सांसदों के आवास पर प्रदर्शन कर संसद के मानसून सत्र में ट्रेड डील पर हस्ताक्षर न करने की मांग रखने के लिए दबाव बनाया जाएगा, इसके साथ ही राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 28 जुलाई को देश भर के किसानों की और 29 जुलाई को किसान मजदूरों की संयुक्त कन्वेंशन दिल्ली के तालकटोरा मैदान में की जाएगी, जिसमें प्रदेश भर से हरियाणा का संयुक्त किसान मोर्चा शिरकत करेगा साथ ही फैसला लिया गया कि अगर इसके बाद भी सरकार ट्रेड डील से पीछे नहीं हटती है तो 10 अगस्त को जेल भरो आंदोलन छेड़ा जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे किसान नेता रतन मान ने कहा कि शुक्रवार को हांसी के चैनेत गांव में पानी की मांग को लेकर चल रहे धरने के समर्थन में प्रदेश के सभी जिलों में ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए सड़क जाम करना व जिला मुख्यालयों पर जाकर उपायुक्त को ज्ञापन दिया जाएगा। एसकेएम ने बैठक में कैथल के खुराना और हांसी में डंपिंग साइट के खिलाफ चल रहे धरने का समर्थन करते हुए धरना स्थल पर जाकर ग्रामीणों की मांग का समर्थन करने का फैसला किया।
इसके साथ ही खाद की आपूर्ति बढ़ाने, हाई टेंशन लाइनों का किसानों की मांगों के अनुरूप मुआवजा देने, रेड जोन में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए फुहारा विधि अपनाने के लिए बाध्य न करने, किसानों के मालिकाना हक के मुद्दों को हल करने और गेहूं खरीद के दौरान लगाई गई फसल बिक्री की शर्तों को वापस लेने की मांग, बिजली के स्वीकृत ट्यूबवेल कनेक्शन जल्द जारी करने की मांग मनवाने के लिए सरकार के साथ वार्तालाप किया जाएगा।
संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा के नेताओं ने बताया कि भारत सरकार अमेरिका और अन्य देशों के साथ ट्रेड डील कर देश के किसानों को उजाड़ने पर तुली हुई है। लगातार अमेरिकी डेलिगेशन भारत के दौरे कर रहा है और ट्रेड डील को फाइनल करने के लिए भारत सरकार पर दबाव बना रहा है। ये मुक्त व्यापार समझौता पूरी तरह से एकतरफा है। ये डील होने से न केवल खेती बल्कि पशुपालन, डेयरी, आदि भी बर्बाद हो जाएंगे। भारत को हर साल 45 लाख करोड़ रुपये का आयात करना पड़ेगा, जिससे बेरोजगारी और ज्यादा बढ़ेगी।
इस मौके पर बलबीर सिंह, कवरजीत सिंह, तेजेंद्र थिंद, सतीश, गुरभजन संधू, धर्मपाल बडाला, काला गामडा, राजीव मलिक, जोगेंद्र नैन, ओमप्रकाश शास्त्री, सुखविंदर रतिया, सुखविंदर औलख, करनैल सिंह, विजयपाल, भगत सिंह, जियालाल, सुमित दलाल, ओमप्रकाश, राजकुमार, दिलबाग, संत गोपाल दास आदि शामिल हुए।