कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने वाहन बीमा दावे से संबंधित एक मामले में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की सेवा में कमी मानते हुए शिकायतकर्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है। आयोग ने कंपनी को कार मरम्मत राशि, ब्याज, मानसिक क्षतिपूर्ति और मुकदमा खर्च अदा करने के निर्देश दिए हैं।
लाडवा निवासी मीनाक्षी ने शिकायत में बताया कि उन्होंने 25 जनवरी 2023 को मारुति बलेनो कार खरीदी जिसका बीमा न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी में पहले से वैध था। 27 अप्रैल 2023 को करनाल से लाडवा जाते समय रांबा गांव के पास दुर्घटना हुई। एक लड़के को बचाने के प्रयास में कार असंतुलित होकर खाई में गिर गई जिससे वाहन को गंभीर क्षति पहुंची। इसकी डीडीआर थाना रांबा में दर्ज कराई गई।
बीमा कंपनी को सूचित करने पर सर्वेयर ने कार की मरम्मत का अनुमान 2.21 लाख रुपये लगाया लेकिन कंपनी ने दावा भुगतान से इन्कार कर दिया। मजबूरन शिकायतकर्ता ने स्वयं 1.20 लाख रुपये खर्च कर वाहन की मरम्मत कराई। कंपनी ने दावा यह कहकर खारिज किया कि बीमा पॉलिसी उनके रिकॉर्ड में शिकायतकर्ता के नाम ट्रांसफर नहीं हुई थी।
आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि वाहन स्वामित्व हस्तांतरण के साथ बीमा पॉलिसी स्वत: ट्रांसफर मानी जाती है। इस आधार पर दावा खारिज करना सेवा में कमी है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. नीलिमा शांगला व सदस्यों ने कंपनी को 45 दिनों में 1.20 लाख रुपये मरम्मत राशि, दुर्घटना तिथि से नौ प्रतिशत ब्याज, मानसिक उत्पीड़न के लिए 20 हजार रुपये और मुकदमा खर्च के रूप में 11 हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए।