संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। मीरी-पीरी के मालिक श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी महाराज के प्रकाश पर्व पर गुरुद्वारा छठी पातशाही से महान नगर कीर्तन सजाया गया।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की छत्रछाया एवं पंज प्यारों की अगुवाई में सजाए गए इस महान नगर कीर्तन के दौरान बोले सो निहाल सत श्री अकाल और शबद कीर्तन की गूंज धर्मनगरी में दिनभर सुनाई देती रही।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज के समक्ष शीश नवाने और सेवा करने के लिए संगत की भीड़ उमड़ी रही। नगर कीर्तन से पहले गुरु चरणों में अरदास की गई और हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झींडा, कार्यकारिणी समिति मैंबर कुलदीप सिंह मुल्तानी, मैंबर इंदरजीत सिंह सहित अन्य सदस्यों व संगत ने गुरुद्वारा साहिब के श्री दरबार साहिब में हाजिरी भरी। इसके उपरांत गुरुद्वारा साहिब से गुरु चरणों में अरदास के साथ महान नगर कीर्तन की शुरुआत हुई। भाई गुरदास सिंह ने गुरु चरणों में अरदास की।
संगत ने फूलों से सुसज्जित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज की पालकी साहिब के समक्ष शीश नवाया। गुरुद्वारा साहिब से जैसे गुरु साहिब जी और पंज प्यारों की अगुवाई में महान नगर कीर्तन आरंभ हुआ, तो नतमस्तक होने के लिए संगत का हजूम उमड़ पड़ा। नगर कीर्तन में धर्मनगरी, यूपी, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और हरियाणा के अलग-अलग जिलों की संगत शामिल हुई। विभिन्न स्थानों पर ठंडे पानी, जलजीरा, कुल्फी और अन्य खाद्य पदार्थों के स्टाॅल लगाकर सेवा की गई।
नगर कीर्तन रेलवे रोड, कुटिया वाली गली, गुलजारी लाल नंदा मार्ग, थानेसर बस स्टैंड सहित अन्य कई स्थानों से होते हुए गुरुद्वारा साहिब में संपन्न हुआ। समापन अवसर पर संगत ने रंग बिरंगी आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया। आमजन और संगत को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात प्रबंध का मोर्चा स्वयं हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमैंट कमेटी के कर्मचारियों ने संभाले रखा।