एक अच्छे अधिकारी में कार्य निपटान की अच्छी आदत होनी चाहिए। उसे दैनिक ऑफिस कार्य की गतिविधि को नोट करने के लिए एक डायरी अपने पास रखनी चाहिए। यह बात कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी लॉज में आयोजित रिफ्रेशर कोर्स के चौथे दिन बतौर मुख्य वक्ता विजिलेंस विभाग से सेवानिवृत्त ऑफिसर मेघराज शर्मा ने कही।
उन्होंने कहा कि एक नोट में भूमिका, मुख्य विषय से संबंधित, उचित पैराग्राफ में विभाजित, नियम, कानून का उल्लेख व निर्देश सहित वित्तीय निहितार्थ का शामिल होना आवश्यक है। वहीं नोट बनाते समय उसे अच्छी प्रकार पढ़ लेना चाहिए जिससे गलती होने की संभावना कम रहती है।
मेघराज शर्मा ने कहा कि नोट को ध्यान से पढ़कर ही बनाएं तथा एक नोट मूलभूत तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। सभी विभागों में नोटिंग का स्वरूप लगभग एक जैसा होता है। नोट में तथ्यों सहित रूल्स, रेगुलेशन एवं पॉलिसी का जिक्र भी करना चाहिए। इसमें डीलिंग पर्सन एक या उससे ज्यादा सुझाव अपनी ओर से दे सकता है लेकिन अंतिम सुझाव तथ्यों एवं नियमों पर ही आधारित होना चाहिए। नोटिंग में केस के निपटान की सुविधा के लिए टिप्पणी रिकॉर्ड के रूप में परिभाषित किया जा सकता है। इसमें संबंधित रिपोर्ट एवं सुझाव सम्मिलित होते हैं। वहीं ड्राफ्टिंग का उद्देश्य सटीक संदेश होता है जिसमें ऑर्डर के सही अर्थ को दर्शाने की अपेक्षा की जाती है।
मेघराज शर्मा ने बताया कि किसी भी प्रकार के ऑफिस में विभिन्न प्रकार के केस को निपटाने से पहले मामलों से जुड़ी समस्या क्या है, यह कैसे उत्पन्न हुई। इसके रूल्स एवं रेगुलेशन तथा केस के निपटान के लिए क्या सुझाव हो सकते हैं और इसका सबसे अच्छा समाधान क्या है, के बारे में चर्चा करके उसके बाद केस संबंधी कार्यवाही की जानी चाहिए।
रिफ्रेशर कोर्स के नोडल ऑफिसर व परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने बताया कि किसी भी ऑफिस में नोटिंग एवं ड्राफ्टिंग से ही काम की शुरुआत होती है। अत: ऐसे महत्वपूर्ण विषय को विश्वविद्यालय में कार्यरत कर्मचारियों को इसका प्रशिक्षण देना बहुत आवश्यक है। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. सुनील ढुल ने मुख्य वक्ता का धन्यवाद करते हुए कहा कि ऑफिस कार्यों के लिए इस प्रकार की बेसिक जानकारी बहुत अहम है। रिफ्रेशर कोर्स के आयोजन में स्थापना शाखा के सहायक मनदीप शर्मा, लिपिक वर्षा, सौरभ दहिया व मोहित शारदा ने सहयोग किया।