शाहाबाद। शहर की गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती लावारिस कुत्तों की संख्या से लोग सहमे हुए हैं। हालात ये हैं कि मोहल्लों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते दिखाई देते हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का पैदल चलना मुश्किल हो गया है। धार्मिक स्थलों, शहरी पुलिस चौकी, स्कूलों, अस्पतालों, हाउसिंग बोर्ड, हुड्डा के साथ-साथ शहरभर में कुत्तों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि प्रतिदिन कुत्ते के काटने के 10 से 15 मामले सामने आ रहे हैं।
बच्चे और बुजुर्ग घर से निकलने से भी कतराने लगे हैं। स्थानीय निवासियों राहुल मल्होत्रा, चेतन बुद्धिराजा, सुभाष चंद, विनय कुमार का कहना है कि सुबह-शाम घर से बाहर निकलना खतरे से खाली नहीं रहा। कई इलाकों में तो कुत्तों के झुंड स्कूल जाने वाले बच्चों का पीछा करते हैं। शिकायतें कई बार दर्ज कराई गईं लेकिन अभी तक ठोस कदम न उठने से हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।
वाहनों के पीछे दौड़ते हैं कुत्ते
लावारिस कुत्ते वाहनों के पीछे दौड़ते हैं। गलियों व चौकों से जब कोई दुपहिया वाहन चालक, कार या साइकिल सवार निकलता है तो झुंडों में बैठे कुत्ते उन वाहनों के पीछे भागने लगते हैं। ऐसे में वाहन चालक हादसे का शिकार भी हो चुके हैं। इसलिए सार्वजनिक स्थलों से कुत्तों को हटाना जरूरी हो गया है।
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कुत्ते काटने के हर रोज आ रहे 10 से 15 मामले : एएसएमओ
एएसएमओ डाॅ. कुलदीप ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रोजाना 10 से 15 डॉग बाइट के मरीज पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में एंटी-रेबीज इंजेक्शन की पर्याप्त व्यवस्था है और आयुष्मान कार्ड धारकों को यह इंजेक्शन पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे रोगियों को भर्ती भी किया जा रहा है।
गीता जयंती के बाद चलाया जाएगा अभियान
नगर पालिका प्रधान डाॅ. गुलशन कवात्तरा का कहना है कि बढ़ती शिकायतों और सार्वजनिक स्थानों पर कुत्तों के जमावड़े को देखते हुए नगर परिषद ने विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि गीता जयंती के बाद त्वरित प्रभाव से अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत आवारा कुत्तों को पकड़कर शेल्टर में शिफ्ट किया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
शाहाबाद। माजरी मौहल्ला में घूमता कुत्तों का झुंड। संवाद