कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय युवा दिवस पर एनसीसी और एनएसएस इकाइयों के सहयोग से रन फॉर स्वदेशी कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षा मंत्रालय की ओर से निर्देशित इस राष्ट्रव्यापी अभियान में महाविद्यालय की 53 छात्राओं ने स्वदेशी संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाई। छात्राओं ने महाविद्यालय परिसर और आसपास के इलाकों में जागरूकता रैली निकालकर स्वदेशी अपनाओ-देश बचाओ और आत्मनिर्भर भारत बनाओ जैसे प्रभावी नारे लगाए। महाविद्यालय प्राचार्या उपासना आहूजा ने कहा कि रन फॉर स्वदेशी केवल दौड़ नहीं बल्कि सामाजिक चेतना जगाने का अभियान है। स्वदेशी वस्तुएं अपनाने से न सिर्फ घरेलू उत्पादन व आय बढ़ती है बल्कि राष्ट्रीय एकता, टीम भावना और आर्थिक मजबूती भी मिलती है। इस मौके पर एनसीसी संयोजिका मनजीत कौर, एनएसएस संयोजिका सीमा सिंह, डॉ. रुकमेश चौहान, आस्था, सिमरन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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राजकीय महाविद्यालय भेरियां के छात्रों ने निकाली स्वदेशी संकल्प यात्रा
कुरुक्षेत्र। राजकीय महाविद्यालय भेरियां में एनएसएस इकाई ने राष्ट्रीय युवा दिवस पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किया। महाविद्यालय प्राचार्य सुभाष चंद्र शर्मा की ओर से स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए गए। उन्होंने स्वयंसेवकों को विवेकानंद के आदर्शों, आत्मविश्वास, निस्वार्थ सेवा और लक्ष्य प्राप्ति के सिद्धांतों से प्रेरित होने का संदेश दिया।
शिविर में राष्ट्रीय सेवा योजना, विशेष दिवस कमेटी और योगा क्लब की संयुक्त पहल पर स्वदेशी संकल्प विषय पर व्याख्यान आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता एसोसिएट प्रोफेसर सुशील कुमार ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का मार्ग स्वदेशी वस्तुओं के अधिकतम उपयोग से होकर जाता है। योग क्लब इंचार्ज दिनेश कुमार ने खेलकूद और योग को जीवन का अनिवार्य हिस्सा बताते हुए नियमित अभ्यास पर जोर दिया। इसके बाद स्वदेशी संकल्प यात्रा के तहत छात्रों और स्वयंसेवकों की दौड़ आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने स्थानीय लोगों को स्वदेशी अपनाने का संदेश दिया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी अमित ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना राष्ट्रनिर्माण और युवा विकास की महत्वपूर्ण धुरी है। इस मौके पर डॉ. जागीर सिंह, डॉ. दिनेश कुमार, प्रो. मुकेश कुमार, प्रो. दीपक सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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प्रतिभागियों ने दौड़ के माध्यम से दिया स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का संदेश
कुरुक्षेत्र। भगवान परशुराम कॉलेज में राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वदेशी संकल्प दौड़ और संकल्प सभा का आयोजन किया गया। सुबह आयोजित दौड़ को प्राचार्य शीश पाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसमें प्रतिभागियों ने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया। स्वदेशी अपनाओ-देश को आत्मनिर्भर बनाओ के नारों से पूरा परिसर राष्ट्र भावना के रंग में रंग गया।
दौड़ के बाद आयोजित स्वदेशी संकल्प सभा में वक्ता डॉ. सौरभ त्रिखा ने कहा कि स्वदेशी आंदोलन सिर्फ सामान बदलने का अभियान नहीं बल्कि आत्मसम्मान, आर्थिक मजबूती और राष्ट्रहित से जुड़ी चेतना है। उन्होंने युवाओं को जीवनशैली में स्वदेशी को स्थायी रूप से अपनाने का आह्वान किया। सभी लोगों ने स्वदेशी अपनाओ का सामूहिक संकल्प लिया और देश के आर्थिक सशक्तीकरण में योगदान देने का प्रण किया। एनसीसी कैडेट, एनएसएस स्वयंसेवक, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने सक्रिय भागीदारी के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। संवाद
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विवेकानंद के जीवन में गीता के प्रभाव पर हुआ प्रेरक युवा संवाद
कुरुक्षेत्र। मातृभूमि शिक्षा मंदिर की ओर से गीता जन्मस्थली ज्योतिसर में मातृभूमि सेवा मिशन के 23वें स्थापना दिवस, राष्ट्रीय युवा दिवस और विवेकानंद जयंती पर विशेष युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अक्षय वट वृक्ष की छाया में गीता ज्ञान यज्ञ से हुआ।
मातृभूमि सेवा मिशन संस्थापक डॉ. श्रीप्रकाश मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन में श्रीमद्भगवद्गीता की शिक्षाओं का निर्णायक प्रभाव रहा। उन्होंने विवेकानंद की ओर से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग के संदेशों को व्यावहारिक जीवन में उतारने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने सेवा, साहस, चरित्र और आत्मबल पर आधारित आध्यात्मिकता को दुनिया के सामने रखा और बताया कि राष्ट्र का उत्थान नैतिकता और कर्मठता से होता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि आज का भारत अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे में विवेकानंद के विचारों का स्मरण प्रेरणा नहीं बल्कि दिशा है। इस मौके पर आचार्य नरेश कौशिक, आचार्य रजत कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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विवेकानंद के विचारों को जीवन में उतारने का किया आह्वान
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के फैकल्टी लॉज परिसर में राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलसचिव लेफ्टिनेंट प्रो. वीरेंद्र पाल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एआर चौधरी कुमार सहित विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए।
कुलसचिव वीरेंद्र पाल ने कहा कि विवेकानंद जयंती आत्मचिंतन, संकल्प और नए लक्ष्य निर्धारित करने का दिन है। उनके विचार न केवल भारत बल्कि विश्व के युवाओं के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अनुशासन, चरित्र, जिम्मेदारी और कर्मठता को अपने जीवन का आधार बनाना चाहिए।
वहीं जनसंचार व मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की ओर से आयोजित युवा दिवस कार्यक्रम में एसोसिएट प्रोफेसर मधुदीप ने कहा कि विवेकानंद ने विश्व को योग, कर्तव्य, चरित्र और आध्यात्मिकता का संदेश दिया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में योग, अनुशासन और आध्यात्मिक शांति को अपनाने की प्रेरणा दी। डॉ. अभिनव, डॉ. रोशन मस्ताना, डॉ. तपेश किरण सहित शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।