कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। यह प्रदर्शनी 11 अक्तूबर तक विधि से जुड़े लोगों, विद्यार्थियों और आमजन के लिए खुली रहेगी। पहले ही दिन प्रदर्शनी देख हर किसी को त्वरित न्याय की उम्मीद हुई है। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य वकीलों, विधि के छात्रों और आम नागरिकों को हाल ही में लागू हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) 2023 के बारे में जागरूक करना है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ब्रिटिश कालीन आपराधिक कानूनों की जगह अब आधुनिक प्रावधान होंगे। इन नए कानूनों से आपराधिक न्याय प्रणाली में पारदर्शिता और त्वरित न्याय सुनिश्चित होगा। कार्यक्रम में प्रदेशभर से विधि के छात्र, अधिवक्ता, शिक्षक और विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग हजारों की संख्या में पहुंचे। प्रदर्शनी में कानूनों के इतिहास, पुराने प्रावधानों और नए सुधारों की तुलना को सरल भाषा और आकर्षक तरीकों से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया कि किस तरह ब्रिटिश कालीन आपराधिक कानूनों की जगह अब भारतीय समाज की जरूरतों के हिसाब से आधुनिक प्रावधान लागू किए गए हैं। इनमें अपराध पीड़ितों की सुरक्षा, डिजिटल सबूतों की मान्यता और सुनवाई प्रक्रिया में तेजी जैसे कई बड़े सुधार शामिल हैं।
न्याय प्रक्रिया होगी तेज
अधिवक्ता संदीप सैनी ने कहा कि बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए जैसे कानून वास्तव में आपराधिक न्याय प्रणाली को नई दिशा देंगे। प्रभावशाली बात यह है कि बदलते दौर के अनुसार अब डिजिटल साक्ष्यों को अधिक विश्वसनीय माना गया है जिससे न्याय प्रक्रिया तेज होगी। वकीलों के लिए यह प्रदर्शनी एक तरह का ट्रेनिंग सेशन है। यहां हमें न केवल किताबों के बाहर की जानकारी मिली बल्कि केस स्टडी के जरिये कानून के व्यावहारिक पहलू भी समझने का मौका मिला।
आम नागरिक अधिकारों के प्रति होंगे जागरूक
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी के छात्र रोहित अत्री ने कहा कि यह प्रदर्शनी मेरे जैसे छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है। पढ़ाई में हम किताबों में बदलाव तो पढ़ लेते हैं लेकिन यहां आकर हमें विजुअल रूप में पुराने और नए प्रावधानों का फर्क साफ दिखाई देता है। बीएनएस 2023 में अपराध की परिभाषाओं में किए गए बदलाव को समझने में काफी आसानी हुई। इसके माध्यम से आम नागरिक कानूनों को समझ पाएंगे और अपने अधिकारों व कर्तव्यों के प्रति जागरूक होंगे।
प्रदर्शनी में आसान तरीके से समझाए गए कानून
यमुनानगर से आई महिला कर्मचारी सोनिया ने बताया कि आमतौर पर आम आदमी कानून की भाषा से डरता है और उसे कठिन मानता है लेकिन यहां प्रदर्शनी में बड़े आसान तरीके से समझाया गया कि ये कानून हमारे लिए सुरक्षा कवच हैं। बीएनएसएस 2023 के प्रावधान, जैसे गिरफ्तारी और जमानत से जुड़े नियम, हमारे जीवन से सीधे जुड़े हैं। इनके बारे में सभी को जानकारी होना बहुत जरूरी है।
न्याय में आएगी स्पष्टता और शीघ्रता
विवि विधि संस्थान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीरज बातिश ने कहा कि इस प्रदर्शनी की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि इसने शिक्षा और व्यवहारिकता को जोड़ने का काम किया है। अध्यापन की दृष्टि से यह बेहद मददगार होगा। ऐसे आयोजन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में भी नियमित रूप से किए जाएं, ताकि विद्यार्थी प्रैक्टिकल तौर पर सीखें। समय के अनुसार कानूनों को बदलने की आवश्यकता थी। सरकार की ओर से की गई पहल से न्याय में स्पष्टता और शीघ्रता आएगी।