कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्णा आयुष विश्वविद्यालय में भगवान धन्वंतरि के अवतरण दिवस पर हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ की शुरुआत भगवान धन्वंतरि की स्तुति के साथ कुलपति डॉ. बलदेव कुमार ने दीप प्रज्वलित करके की। कुलपति ने हवन यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा कि इससे पर्यावरण स्वच्छ रहता है।
कुलपति डॉ. कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस 2016 से पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस वर्ष केंद्र सरकार के आयुष विभाग द्वारा राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस हर दिन, हर घर आयुर्वेद थीम के साथ मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य घर-घर तक आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को पहुंचाना है। भारत में त्योहारों की गौरवशाली परंपरा रही है, जिनका वैज्ञानिक महत्व भी हमारे महापुरुषों ने समय-समय पर बताया है। उन्होंने कहा कि पांच हजार वर्ष पूर्व तक हर घर में प्रतिदिन यज्ञ किया जाता था, जिसकी वजह से हमारा देश सब प्रकार की आपदाओं, रोगों व कष्टों से मुक्त था।
उन्होंने कहा कि यज्ञ हर व्यक्ति और राष्ट्र की सुख-समृद्धि के लिए बहुत ही आवश्यक है। विश्व के सामने पर्यावरण प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन गई है। इसका एकमात्र समाधान यज्ञ है। यज्ञ की अग्नि ज्ञान का प्रकाश फैलाने और दोषों व शत्रुओं का नाश करने की प्रेरणा देती है। इस दौरान डीन ऑफ कॉलेज डॉ. विदूषी त्यागी की ओर से आयुर्वेद से संबंधित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई, जिसमें सभी शैक्षिक और गैर शैक्षिक अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया। इस मौके पर कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार, डीन एकेडमिक अफेयर्स डॉ. शंभू दयाल सहित चिकित्सक, अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।