कुरुक्षेत्र। देश-दुनिया में पहचान रखने वाली धर्मनगरी अब और भी दिव्य होगी। प्रवेश द्वारों से लेकर चौक-चौराहे तक खास होंगे, जिन्हें देख न केवल महाभारत बल्कि गीता की धरा का भी अनुभव होगा। दिव्य नगर योजना के तहत धर्मनगरी का कायाकल्प होने जा रहा है, जिसमें नगर परिषद, कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड व अन्य संबंधित विभाग मिलकर कार्य करेंगे। इस पर नगर परिषद करीब 11 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च करेगी। कार्यों को तकनीकी तौर पर मंजूरी भी मिल चुकी है।
पिछले वर्ष जून माह में हुई कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 82वीं बैठक में भी धर्मनगरी को दिव्य रूप दिए जाने पर राज्यपाल प्रो. असीम घोष व मुख्यमंत्री नायब सैनी की मौजूदगी में खाके पर विस्तार से चर्चा की गई थी, जिसे अब सिरे चढ़ाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इसी वर्ष की पहली छह माही में ही इसका परिणाम दिखाई देने लगेगा।
फिलहाल नगर परिषद की ओर से तय की गई योजना के तहत चारों ओर से प्रवेश द्वारों के साथ-साथ चौक चौराहों को भी खास स्वरूप दिया जाएगा। महाभारत थीम पर आधारित भव्य प्रवेश द्वार मुख्य रूप से पिपली व अन्य प्रमुख मार्गों पर बनाए जाएंगे। इन द्वारों पर आकर्षक लाइटिंग, फव्वारे और महाभारत के दृश्यों का चित्रण किया जाएगा। इनमें एक प्रवेश द्वारा केडीबी रोड पर नेशनल हाईवे के पास भी बनाया जाएगा। इसके साथ ही अन्य प्रवेश द्वार महाभारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाएंगे। प्रवेश द्वारों के आसपास सड़कों पर फुटपाथ भी बनाए जाएंगे।
चौकों को महाभारत थीम पर दी जाएगी नई लुक
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल के मुताबिक शहर के सभी चौक व चौराहों को भी महाभारत थीम पर ही विकसित किया जाएगा। इसके लिए योजना पर कार्य किया जा रहा है और मुख्यमंत्री हरी झंडी दे चुके हैं। उधर नप ईओ राजेश कुमार का कहना है कि दिव्य नगर बनाने के लिए कमेटी की ओर से खाका तैयार किया जा चुका है। पिपली स्थित प्रवेश द्वार को नया स्वरूप दिया जा चुका है।