कुरुक्षेत्र। बेटी बचाओ अभियान में एक समय पूरे हरियाणा के लिए कुरुक्षेत्र जिला प्रेरणा रहा था जो अब भी अपनी खोई हुई पहचान को पूरी तरह वापस नहीं पा सका है। जिले ने वर्ष 2017 में 924 के लिंगानुपात के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया था। जो अब 2025 में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है।
हालांकि राहत की बात यह है कि पिछले चार वर्षों की तुलना में 2025 में जिले के लिंगानुपात में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में एक हजार लड़कों पर 932 लड़कियां हैं, जो बीते वर्षों के मुकाबले बेहतर स्थिति को दर्शाता है। कोरोना काल के दौरान जिले में लिंगानुपात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वर्ष 2021 में यह घटकर 921, 2022 में 893 और 2024 में 913 तक पहुंच गया था। लिंगानुपात के आंकड़े में जो भारी अंतर आता है इसके लिए हम खुद ही जिम्मेदार हैं। समाज में आज भी लड़की को परिवार पर बोझ की दृष्टि से देखा जाता है।
एसआरबी की रिपोर्ट के अनुसार कहां कितना लिंगानुपात : एक हजार लड़कों पर पंचकुला 960, फरीदाबाद 957, करनाल 941, पानीपत 934, कुरुक्षेत्र 932, नूंह 928, यमुनानगर 926, सिरसा 922, कैथल 921, पलवल 915, जींद 915, अंबाला 913, भिवानी 913, झज्जर 912, फतेहाबाद 912, हिसार 909, महेंद्रगढ़ 905, सोनीपत 895, रोहतक 893, गुड़गांव 891, रेवाड़ी 877, चरखी दादरी 858 दर्ज किया गया है।
भ्रूण लिंग जांच की जानकारी देकर कमाए एक लाख : कोई भी व्यक्ति जिलेभर में हो रहे भ्रूण लिंग जांच की गुप्त सूचना स्वास्थ्य विभाग को देकर बेटी बचाने में अपना सहयोग दे सकता है। इसमें समाज हित के काम के साथ-साथ वह विभाग से अच्छे पैसे भी कमा सकता है। सरकार लिंग जांच की गुप्त सूचना देने वाले व्यक्ति को रेड कामयाब होने के बाद एक लाख रुपये का पुरस्कार देती है। विभाग की ओर से गुप्तचरों की पहचान गुप्त रखी जाती है। अभी तक गुप्त सूचना देन के लिए 10 लोगों को एक-एक लाख रुपये की राशि मिल चुकी है।