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Kurukshetra News: लघु चिड़ियाघर के जीवों को गर्मी से बचाने के लिए विभाग ने लगाए कूलर

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कुरुक्षेत्र। पिपली स्थित लघु चिड़िया घर में गर्मी से बचने के लिए पेड़ छाया में बैठा गिदड़। संवा
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कुरुक्षेत्र/पिपली। 45 डिग्री तक पहुंचे तापमान के बीच चल रही लू से जन जीवन अस्त व्यस्त हो रहा है। मनुष्य ही नहीं पशु पक्षी भी बेहाल है। ऐसे में 25 एकड़ में फैले पिपली लघु चिड़ियाघर प्रशासन भी जीव जंतुओं के बचाव को लेकर सतर्क हो गया है जहां विशेष प्रबंध किए गए हैं। लघु चिड़ियाघर में शेर से लेकर जलीय जीव-जंतुओं और पक्षियों की 15 अलग-अलग प्रजातियां हैं, जिनकों गर्मी से राहत देने के लिए न केवल विशेष तौर पर कूलर लगाए गए हैं बल्कि जलीय-जीवों के लिए उनके बाड़े में बने तालाब में हर सप्ताह ताजा पानी बदला जा रहा है। वहीं अन्य जीवों के लिए बाड़े में कूलर के साथ ही उनके बाड़े में सुबह, दोपहर और शाम के समय पाइप के जरिए ताजा पानी छोड़ा जाता है।
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चिकित्सकों की टीम भी जीवों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हर सप्ताह इन जीवों की जांच की जा रही है। जांच के लिए चिकित्सकों की एक टीम हर समय तैयार रहती है। इसके अलावा छांव के लिए बाड़े के अंदर व बाहर घने पेड़ लगे हुए हैं। दोपहर के समय कई जीव-जंतु पेड़ की छांव के नीचे ही सहारा लेते हैं। दोपहर के समय गर्मी से बचने के लिए अधिकतर जीव अपने बाड़े के अंदर रहना ही पसंद करते हैं, क्योंकि विभाग की ओर से बाड़े के अंदर कूलर लगाए गए हैं, जिनमें ताजा और ठंडा पानी भरा जाता है।
वहीं जलीय-जीव घड़ियाल, मगरमच्छ और दरियाई घोड़ा तालाब में ही विचरण करते हुए देखे जा रहे हैं। इनके बाड़े में दो तालाब बनाए गए हैं। सप्ताह के बाद एक तालाब को खाली करके दूसरे में पानी भरा जाता है। सभी बाड़े के अंदर ठंडे पानी का फव्वारा और फॉगिंग सिस्टम भी लगाया हुआ है। इनके जरिए बाड़े में पानी छोड़ा जाता है, जिससे जमीन में नमी रहती है और नमी के कारण वहां ठंडक बनी रहती है। कई जीव फव्वारा का भरपूर मजा भी लेते हैं। वे खुद को पानी से भिगोकर रखते हैं।
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सप्ताह में चिकित्सकों की टीम कर रही दौरा
भीषण गर्मी के चलते हर सप्ताह चिकित्सकों की टीम इन जीवों की जांच करने आती है। उनके अनुसार ही जीव-जंतुओं को भोजन दिया जाता है। भोजन में कैल्शियम की गोलियां मिलाकर दी जाती हैं ताकि उन्हें कैल्शियम की कमी न हो। इसके अलावा जीव-जंतुओं के बीमार होने पर भी भोजन के साथ दवा दी जाती है।

500 से ज्यादा पर्यटक कर रहे चिड़िया घर का दौरा
लघु चिड़ियाघर में भीषण गर्मी के बावजूद 500 से ज्यादा पर्यटक दौरा करने आते हैं, जबकि सर्दियों में उनकी संख्या करीब-करीब दोगुनी हो जाती है। इस चिड़ियाघर में शेर-शेरनी का जोड़ा, उनके तीन शावक, तेंदुए का जोड़ा, दो लकड़बग्गे, 10 गीदड़, चार घड़ियाल, पांच मगरमच्छ, दो दरियाई घोड़ा, दो सांभर हिरण, 10 मुर्गे-मुर्गियां, नौ मोर, पांच काले हिरण, चार लंगूर सहित अन्य पक्षी मौजूद हैं।


सभी जीव जंतुओं का रखा जा रहा ख्याल : देवेंद्र
विभाग के निरीक्षक देवेंद्र कुमार ने बताया कि भीषण गर्मी में जीव-जंतुओं का पूरा ख्याल रखा जा रहा है। विभाग के चिकित्सकों के साथ स्थानीय चिकित्सक भी जांच के लिए पहुंचते हैं। सप्ताह में दो बार बाड़े में जीव-जंतुओं के लिए बने तालाब का पानी बदला जाता है। प्रतिदिन शाम के समय तालाब में पानी की जांच भी की जाती है।

कुरुक्षेत्र। पिपली स्थित लघु चिड़िया घर में गर्मी से बचने के लिए पेड़ छाया में बैठा गिदड़। संवा

कुरुक्षेत्र। पिपली स्थित लघु चिड़िया घर में गर्मी से बचने के लिए पेड़ छाया में बैठा गिदड़। संवा

कुरुक्षेत्र। पिपली स्थित लघु चिड़िया घर में गर्मी से बचने के लिए पेड़ छाया में बैठा गिदड़। संवा

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