शाहाबाद। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मस्तगढ़ साहिब में संक्रांति के शुभ अवसर पर आयोजित विशेष धार्मिक समागम के दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) की नामित सदस्य बीबी करतार कौर का संगत ने भव्य स्वागत किया। यह कार्यक्रम एचएसजीएमसी के पूर्व सदस्य एवं प्रवक्ता बेअंत सिंह नलवी द्वारा आयोजित किया गया था।
गुरुद्वारा साहिब के मैनेजर नरेंद्र सिंह, हेड ग्रंथी गुरप्रीत सिंह और पूर्व नगर पार्षद राजदीप कौर बाजवा ने बीबी करतार कौर को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। बीबी करतार कौर ने अपने संबोधन में कहा कि उन्हें शाहाबाद की सिख संगत की समस्याओं की पूरी जानकारी है और वे व्यक्तिगत रूप से इन मुद्दों को गंभीरता से ले रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से मीरी पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में आ रही समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि यह संस्थान भले ही फिलहाल एसजीपीसी श्री अमृतसर के अधीन है, लेकिन इसे एचएसजीएमसी के अंतर्गत लाने के लिए वे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाएंगी।
मीडिया से बातचीत में बीबी करतार कौर ने खुलासा किया कि संगत द्वारा उन्हें यह जानकारी दी गई है कि मीरी पीरी अस्पताल में मरीजों को दवाइयां बाजार से कहीं अधिक कीमतों पर दी जा रही हैं, जबकि एक चैरिटेबल अस्पताल में दवाइयां सस्ती मिलनी चाहिए, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को लाभ मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह स्थिति चैरिटेबल संस्था के उद्देश्य के खिलाफ है और वे शीघ्र ही अस्पताल प्रबंधकों से मिलकर इस विषय में ठोस कार्रवाई करेंगी। अस्पताल में सिख स्टाफ की अनदेखी और उपेक्षा को भी बीबी करतार कौर ने गंभीरता से लिया और कहा कि सिख स्टाफ को उचित सम्मान और अवसर दिए जाने चाहिए। वे अस्पताल प्रबंधन से बात कर हल निकालेंगी। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार के मैनेजर हरदेव सिंह, अवतार सिंह, दिलजोत सिंह, इकबाल सिंह (अकाउंटेंट), सुखदीप सिंह, बरिंदर सिंह, सरताज कौर, अनीता रानी, प्रतिमा पंडित, ममता, मनदीप कौर सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
एमबीबीएस कॉलेज की शुरुआत कराने का हर संभव प्रयास करेंगी
बीबी करतार कौर ने बताया कि मीरी पीरी संस्थान का नींव पत्थर उनकी उपस्थिति में रखा गया था और अब जब केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, तो वे इस संस्थान में एमबीबीएस कॉलेज की शुरुआत कराने का हर संभव प्रयास करेंगी, ताकि क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय शिक्षा मिल सके। बेअंत सिंह नलवी ने कहा कि मीरी पीरी संस्थान को एचएसजीएमसी के अधीन लाया जाए क्योंकि यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री मस्तगढ़ साहिब की जमीन पर स्थापित है।