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Kurukshetra News: मौसम की बेरुखी उड़ा रही किसानों के चेहरों की रंगत

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कुरुक्षेत्र। अमीन गांव के खेत में सूखी धान की फसल। संवाद
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कुरुक्षेत्र। जिले में अभी तक धान की फसल के अनुसार बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ी हुई है। किसानों के अनुसार जिले में अगले सप्ताह तक बारिश न होने से धान की फसल के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना बनी हुई है। रोपाई के बाद अब धान की फसल को ज्यादा पानी की जरूरत है, लेकिन मौसम की बेरुखी को देखकर किसानों के चेहरों पर मायूसी नजर आती है। पिछले साल के मुकाबले काफी कम बारिश होना किसानों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। 16 जुलाई बीत जाने के बाद भी अब तक बारिश न होना किसानों की चिंता को बढ़ा रहा है।
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वहीं मंगलवार को भी सुबह से तेज धूप खिल उठी, जिससे बारिश का इंतजार कर रहे किसानों की चिंता बढ़ गई। तेज धूप खिलने के चलते दिनभर उमस भरी गर्मी का असर रहा। उमस भरी गर्मी से राहत पाने के लिए लोग एसी, कूलरों और पंखों का सहारा लेते रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री व न्यूनतम 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री व न्यूनतम 29 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार बने हुए है।

मौसम विभाग के अनुसार कल देर रात से मानसून सक्रिय होने की संभावना है। मानसून के सक्रिय होने से बारिश होने के आसार बने हुए है, जिससे धान की फसल को फायदा मिलेगा और लोगों को भी उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना रहेगी।
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बारिश होने पर ही राहत की उम्मीद : धर्मबीर सिंह
किसान धर्मबीर सिंह का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले बारिश काफी कम हुई है, जिससे धान की फसल के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना है। 16 जुलाई बीत जाने के बाद भी मानसून की बारिश न होना अब परेशानी बन गया है। धान की फसल की सिंचाई बार-बार करनी पड़ रही है, जिससे ट्यूबवेल के बार-बार चलाने पर बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है। अब बारिश होने पर ही राहत की उम्मीद है।


किसान ले रहे ट्यूबवेल का सहारा : नसीब सिंह
कृषि केंद्र के विशेषज्ञ डाॅ. नसीब सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले काफी कम बारिश अब तक हुई है। बारिश न होने से जहां धान के उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना बनी हुई है तो वहीं अब धान की फसल को पानी की जरूरत ज्यादा होने पर किसान ट्यूबवेल का सहारा ले रहे हैं, जिससे बिजली की खपत भी ज्यादा हो रही है।
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