शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान में तीन माह से अधिक समय से लंबित वेतन को लेकर चिकित्सकों और अन्य कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना सोमवार को भी जारी रहा। कर्मचारियों ने एलान किया कि जब तक उनके खातों में लंबित वेतन नहीं पहुंचता, आंदोलन जारी रहेगा।
संस्थान के वेतन और प्रबंधन विवाद को लेकर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) द्वारा गठित 11 सदस्यीय समिति ने सोमवार को एसजीपीसी के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से मुलाकात की। समिति में दीदार सिंह नलवी, गुरबीर सिंह तलाकौर, अंग्रेज सिंह रानिया, बलविंदर सिंह भिंडर, रुपिंदर सिंह, जसबीर कौर मसाना, मोहनजीत सिंह, बीबी कपूर कौर, बीबी अमनप्रीत सिंह और कर्मजीत सिंह शामिल थे। दीदार सिंह नलवी ने बताया कि एसजीपीसी प्रधान ने उनकी बात सुनी, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।
16 जुलाई को मीरी-पीरी ट्रस्ट के मौजूदा सदस्यों की बैठक प्रस्तावित है, जिसके बाद स्थिति स्पष्ट होगी। इसके बाद 17 जुलाई को एचएसजीएमसी की 11 सदस्यीय समिति अपनी रिपोर्ट जनरल हाउस के समक्ष पेश करेगी। संघर्ष समिति ने प्रबंधन को 19 जुलाई तक का समय दिया है। यदि इस अवधि तक लंबित वेतन जारी नहीं होता और अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तो 20 जुलाई को सभी कर्मचारी शाहाबाद शहर में रोष मार्च निकालेंगे और एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
कर्मचारियों ने 16 जुलाई की ट्रस्ट बैठक में लंबित वेतन, महंगाई भत्ता और अवकाश संबंधी मांगों पर भी निर्णय लेने की मांग की है। उन्होंने वर्ष 2005 से सेवा दे रहे कर्मचारियों के 32 प्रतिशत लंबित डीए को तत्काल जारी करने की मांग की है, क्योंकि पंजाब सरकार के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत डीए मिल चुका है, जबकि इन्हें केवल 10 प्रतिशत मिला है। कर्मचारियों ने अवकाश नीति में भी संशोधन की मांग की है।