कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्वास्थ्य बीमा दावा लंबित रखने के मामले में निवार बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए उपभोक्ता को राहत देने के आदेश जारी किए हैं। आयोग ने कंपनी को शिकायतकर्ता गौरव गुप्ता को 37,850 रुपये चिकित्सा खर्च के रूप में नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित अदा करने का आदेश दिया है, इसके अतिरिक्त मानसिक प्रताड़ना एवं उत्पीड़न के लिए पांच हजार रुपये तथा मुकदमेबाजी खर्च के रूप में 11 हजार रुपये देने के आदेश भी दिए गए हैं।
सेक्टर-13 अर्बन एस्टेट निवासी गौरव गुप्ता ने वर्ष 2022 में निवार बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ली थी, जिसमें स्वयं, पत्नी और दोनों बेटों को कवर किया गया था। पॉलिसी का नवीनीकरण मई 2025 तक किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार जनवरी 2025 में उनके बेटे सारांश गुप्ता को गंभीर कमर दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद जांच में उसे पाइलोनाइडल साइनस बीमारी पाई गई। 10 फरवरी 2025 को एक निजी सर्जिकल अस्पताल में उनका ऑपरेशन कराया गया। उपचार, एमआरआई, जांच और दवाइयों पर लगभग 50 हजार रुपये खर्च हुए।
गौरव गुप्ता ने बीमा कंपनी के पास चिकित्सा खर्च प्रतिपूर्ति का दावा प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने दावा स्वीकार या अस्वीकार करने के बजाय यह कहते हुए लंबित रखा कि आवश्यक दस्तावेज और क्लेम फार्म जमा नहीं किए गए। मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने रिकॉर्ड पर उपलब्ध क्लेम फार्म और मेडिकल बिलों का अवलोकन किया तथा पाया कि शिकायतकर्ता द्वारा संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। आयोग ने बीमा कंपनी की दलीलों को अस्वीकार करते हुए इसे सेवा में कमी माना।