कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बैंक की लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को एक ग्राहक के खाते से अनधिकृत तरीके से काटी गई राशि ब्याज सहित वापस करने का निर्देश दिया है।
आयोग ने बैंक को 3,07,800 रुपये मूल राशि के साथ नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज 24 मार्च 2024 से भुगतान की तिथि तक अदा करने के आदेश दिए हैं। यह राशि 45 दिनों के भीतर चुकानी होगी अन्यथा उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 72 के तहत कार्रवाई की जाएगी। गांव ढाकला निवासी अर्शवीर सिंह ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
उनके यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाहाबाद शाखा खाते में 22 मार्च 2024 को 3,08,443 रुपये जमा थे। उन्होंने तीन लाख रुपये का आरटीजीएस ट्रांसफर शुरू किया था लेकिन लेन-देन रद्द होने पर राशि खाते में वापस आ गई। अगले दिन 24 मार्च सुबह करीब 10 बजे उन्हें मोबाइल पर दो संदेश मिले जिनमें खाते से दो लाख रुपये कुमार और 1,07,800 रुपये जेपी नाम के खातों में ट्रांसफर होने की सूचना थी।
रविवार होने के कारण उस दिन बैंक नहीं पहुंच सके। सोमवार को बैंक जाकर शिकायत की तो अधिकारियों ने गलती से लेन-देन होने की बात कही और राशि वापस करने का आश्वासन दिया लेकिन बाद में कोई कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि यह अनधिकृत और धोखाधड़ी पूर्ण ट्रांसफर था जिसमें उनकी कोई सहमति नहीं थी।
सुनवाई के दौरान आयोग ने माना कि यदि ग्राहक अनधिकृत लेन-देन की सूचना समय पर देता है, तो बैंक की जिम्मेदारी बनती है कि वह राशि सुरक्षित रखे और वापस करे। बैंक की ओर से कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया गया कि ट्रांसफर ग्राहक की सहमति से हुआ। आयोग ने इसे बैंक की लापरवाही करार दिया।