गांव को स्वच्छ बनाए रखने की ग्राम पंचायत की मुहिम
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प्रदेश सरकार की जगमग योजना से सुर्खियों में आया जिले का गांव दयालपुर एक बार फिर प्रशासन से लेकर आम लोगों में भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस बार यह गांव देश भर में चलाए जा रहे खुले में शौच मुक्त अभियान को लेकर सुर्खियों में है, जिसे सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत ने न केवल कठोर कदम उठाए है बल्कि पूरा गांव भी ग्राम पंचायत के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है। शहर से सटे इस गांव में यह अभियान अब तक सफल भी रहा है जबकि ग्राम पंचायत व गांव के लोगों के प्रयासों की प्रशासनिक अधिकारी भी जमकर सराहना कर रहे है। जहां प्रदेश भर में खुले में शौच जाने पर जहां 500 रुपये का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान किया हुआ है वहीं ग्राम पंचायत ने 2 हजार रुपये जुर्माना वसूले जाने का प्रावधान किया है। बता दें कि प्रदेश में म्हारा गांव जगमग गांव योजना की शुरूआत इसी गांव से की गई थी, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने किया था।
गांव को हरा बरा बनाने का भी प्रयास
गांव को खुले में शौच मुक्त बनाने के साथ-साथ शहर की तर्ज पर हरा भरा बनाने का भी प्रयास किया जा रहा है। जहां गांव में मुख्य सड़कों के किनारे पौध रोपित किए गए है वहीं इनकी सुरक्षा के लिए निजी बैंक के सहयोग से ट्री गार्ड भी लगाए गए है। गांव के सरपंच का कहना है कि गांव को हरा भरा बनाने के लिए भरसक प्रयास किए जा रहे है ताकि वातावरण स्वच्छ रह सके।
गांववासी कर रहे है पूरा सहयोग : रजत
गांव के सरपंच रजत का कहना है कि सरकार ने खुले में शौच मुक्त का बड़ा कदम उठाया है। इससे अनेकों प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। सरकार के इसी अभियान के चलते ही ग्राम पंचायत ने गांव को खुले में शौच मुक्त करने करने के लिए निर्णय लिया है कि ऐसा करने पर संबंधित व्यक्ति को 2 हजार रूपये जुर्माना लगाया जाएगा तो वहीं सरकारी सुविधाएं भी बंद कर दी जाएंगी। अभी तक किसी भी व्यक्ति ने ग्राम पंचायत के इस निर्णय का विरोध नहीं किया है ओर न ही अब कोई खुले में शौच के लिए जाता है।
ग्राम पंचायत का प्रयास सराहनीय : एडीसी
अभियान के जिला के नोडल अधिकारी एवं एडीसी धर्मवीर सिंह का कहना है कि ग्राम पंचायत का खुले में शौच मुक्त अभियान को सफल बनाने का प्रयास सराहनीय है। सभी गांव के लोगों को ऐसे ही अभियान को सफल बनाना चाहिए।