कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में शुक्रवार को पूरे दिन बैठकों का दौर चलता रहा। परिसर में पहुंची केंद्र की उच्च स्तरीय टीम ने छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षकों से अलग-अलग चरणों में बातचीत की। चार छात्रों की आत्महत्याओं के बारे में करीब चार घंटे तक बातचीत की गई। कई अहम बिंदुओं पर चर्चा हुई। इस दौरान टीम में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की चेयरपर्सन तेजस्विनी अनंतकुमार के साथ प्रशासनिक अधिकारी डीएसपी सुनील और एसडीएम अमन कुमार भी मौजूद रहे।
संवाद के दौरान छात्रों की मौजूदगी सीमित रही। एक दिन पहले जहां 20 से 25 छात्र कमेटी के सामने अपने सुझाव देने आए थे। वहीं शुक्रवार को यह संख्या और कम दिखी जिनमें कई विदेशी छात्र शामिल रहे।
एनआईटी कुरुक्षेत्र में पहली बार इतना बड़ा प्रशासनिक और केंद्रीय स्तर का जमावड़ा देखने को मिला। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय शिक्षा विभाग के सचिव आईएएस डॉ. विनीत जोशी ने कहा कि इस पूरे मामले पर हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं। फिलहाल हमारी पहली प्राथमिकता परिसर के माहौल को शांत करना है।
छात्रों की आत्महत्या के कारणों पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है और इस पर विस्तृत जांच चल रही है।शुक्रवार को परिसर में पहुंची इस मुख्य कमेटी में डॉ. विनीत जोशी (सचिव, उच्च शिक्षा, शिक्षा मंत्रालय), डॉ. तेजस्विनी अनंतकुमार (अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स), डॉ. सौम्या गुप्ता (संयुक्त सचिव, तकनीकी शिक्षा), डॉ. गोविंद जायसवाल (संयुक्त सचिव, तकनीकी शिक्षा एवं एनआईटी) और डॉ. हीरा लाल (उप सचिव, एनआईटी) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
तीन-तीन कमेटियां पहुंचीं, अब रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
एनआईटी में 16 अप्रैल के बाद से लगातार जांच का सिलसिला जारी है। अब तक दो अलग-अलग कमेटियां और एक मुख्य टीम परिसर का दौरा कर चुकी हैं। सबसे पहले दो सदस्यीय कमेटी जिसमें डॉ. हीरा लाल और डॉ. रवि शामिल रहे, ने जांच शुरू की। इसके बाद वीरवार को चार सदस्यीय कमेटी पहुंची जिसमें डॉ. अनिल सहस्रबुद्धे, डॉ. बिनोद कनौजिया, डॉ. नागपाल और डॉ. रीना सोनवाल शामिल रहीं। शुक्रवार को पहुंची मुख्य कमेटी में केंद्रीय स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। लगातार हो रही इन बैठकों के बाद अब सभी की निगाहें अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं।
हम सुझावों पर कर रहे काम : डॉ. विनीत जोशी
शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से सचिव डॉ. विनीत जोशी ने बताया कि हमारी टीम ने सभी से सुझाव लिए थे। सुझाव पर हम अब काम करेंगे। संस्थान में जो हुआ वह काफी दुखद है लेकिन हमारी प्राथमिकता छात्रों को सुरक्षित महसूस करवाना है और मिले सुझावों को अमल में लाना है।