कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। शाहाबाद के दंगल ग्राउंड के पास मिला शव चंडीगढ़ के 57 वर्षीय राजेश चोपड़ा का था, जो फाजिल्का (पंजाब) में एक रिश्तेदार की पगड़ी की रस्म में शामिल होने के लिए घर से निकले थे।
वे हाल ही में चंडीगढ़ से मोहाली के सेक्टर-79 में रह रहे थे और गाड़ियों की सेल-पर्चेज का काम करते थे। राजेश के दामाद शेखर साहनी निवासी सेक्टर-38बी चंडीगढ़ ने राजेश के साथ काम करने वाले मोनू पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद से आरोपी मोनू फरार है। जीआरपी ने शुक्रवार को चिकित्सकों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया। फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. नरेश सैनी ने बताया कि राजेश की मौत 14 जनवरी की रात एक से तीन बजे के बीच हुई है। पहले उनका गला घोंटा गया और फिर तेजधार हथियार से गर्दन काटी गई।
शरीर पर चोटों के करीब 27 निशान पाए गए हैं। शेखर ने बताया कि 14 जनवरी को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वे अपनी बेटी शीनम से मिलने चंडीगढ़ पहुंचे थे। शाम को उन्होंने मोनू के साथ फाजिल्का जाने की बात कही। रात करीब 10 बजे राजेश सेक्टर-40 से निकले और जाते समय उन्होंने अपने भांजे मोहित गगनेजा से फोन पर बातचीत भी की।
15 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे मोहित ने शीनम को बताया कि राजेश अभी तक फाजिल्का नहीं पहुंचे हैं। उनका मोबाइल भी बंद रहा। जीआरपी ने शेखर के बयान पर मोनू और उसकी पत्नी सहित अन्य के खिलाफ हत्या समेत गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। राजेश का बेटा अंश चोपड़ा कनाडा में रहता है, जो शनिवार को घर पहुंचेगा।