कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में चल रहे रत्नावली महोत्सव में महिला कलाकारों का मनमोहक जलवा देखने को मिला। हर मंच पर बेटियों ने अपनी उपस्थिति और प्रतिभा से साबित किया कि हरियाणवी संस्कृति को संजोने व आगे बढ़ाने का बीड़ा अब आधुनिक जमाने की लड़कियों ने भी उठा लिया है।
पुरुषों से अधिक संख्या में युवतियों ने लोकनृत्य, संगीत और लोकगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। मंच पर रंग-बिरंगे परिधान, झुमके, चूड़ियां और पारंपरिक पगड़ी-चुनरी का मेल हरियाणा की असली पहचान को जीवंत कर रहा था। दर्शक तालियों के शोर से कलाकारों का उत्साह बढ़ाते नजर आए। बेटियों का जोश ऐसा कि हर प्रस्तुति संस्कृति की सुगंध लिए हवा में घुलती चली गई। कलाकारों ने कहा कि हमारी कला ही हमारी ताकत है। एक प्रस्तुति से संस्कृति और भाषा के बारे में बहुत कुछ सीखने को मिलता है।