कुरुक्षेत्र। वीजा धोखाधड़ी के एक मामले में आरोपी नवनीत को जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार की अदालत ने नियमित जमानत प्रदान की है। नरेल सिंह ने आरोप लगाया था कि उन्हें व उनके चाचा दलवीर सिंह को नवनीत ने चंडीगढ़ के माइलस्टोन एजुकेशन एंड इमिग्रेशन सर्विस सेंटर पर ऑस्ट्रेलिया का वीजा दिलाने का वादा कर 32 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से 10.80 लाख रुपये जमा करवाए गए लेकिन वीजा नहीं मिला और शेष राशि के लिए दबाव बनाया गया। पुलिस इस मामले में नवनीत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 379 और 420 बी के तहत मामला दर्ज कर 18 मई को गिरफ्तार किया था।
नवनीत के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है और शिकायतकर्ता ने 14 मई को समझौता कर लिया जिसकी पुष्टि शिकायतकर्ता के वकील ने भी की। सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिलने और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला देते हुए जमानत की मांग की गई। अभियोजन ने विरोध करते हुए नवनीत की आपराधिक प्रवृत्ति और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका जताई लेकिन ठोस सबूत पेश नहीं किए।
न्यायालय ने पाया कि जांच पूरी हो चुकी है, चालान दाखिल है और शिकायतकर्ता ने समझौते के आधार पर आपत्ति नहीं जताई। सर्वोच्च न्यायालय के सिद्धांतों के आधार पर नवनीत को 50 हजार रुपये के जमानत बाॅन्ड और एक जमानतदार की शर्त पर जमानत दी गई। उन्हें नियमित कोर्ट उपस्थिति, भारत न छोड़ने और साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने जैसे निर्देश दिए गए। आदेश की सॉफ्ट कॉपी जेल अधीक्षक को भेजी गई है।