लाडवा। तहसीलदार राम निवास ने कहा कि 3 युवकों द्वारा सेना में भर्ती होने के लिए जारी करवाए गए जाली प्रमाण पत्रों को जांच के बाद रद्द कर दिया गया है। इन तीनों युवकों के खिलाफ अंबाला सेना हैड क्वार्टर द्वारा नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है। तहसीलदार राम निवास ने शुक्रवार को देर सायं जारी आदेशों में कहा है कि गांव सलपानी कलां निवासी हरदीप सिंह ने 24 जुलाई 2015 को जट सिख जाति का प्रमाण पत्र तहसीलदार कार्यालय से सरपंच, नंबरदार व हल्का पटवारी की रिपोर्ट के अनुसार स्टाफ को गुमराह करके जारी करवाया था।
सेना हैड क्वार्टर अंबाला से वेरिफिकेशन आने के बाद जब दोबारा जांच कराई गई तो हरदीप सिंह वास्तव में गड़रिया जाति का निकला। इसी तरह गांव उमरी निवासी कृष्ण कुमार ने 16 नवंबर 2016 को एक सामान्य जाति का प्रमाण पत्र तहसील कार्यालय से सरपंच, नंबरदार व हलका पटवारी की रिपोर्ट के अनुसार स्टाफ को गुमराह करके जारी कराया, इस व्यक्ति का भी सेना हैड क्वार्टर से मिले आदेशों के बाद पटवारी से दोबारा जांच करवाई गई तो कृष्ण कुमार वास्तव में वाल्मीकि जाति से संबंधित था। उन्होंने बताया कि गांव जिरबड़ी निवासी सोहन चौहान ने 16 अप्रैल 2015 को एक सामान्य जाति का प्रमाण पत्र तहसील कार्यालय के स्टाफ को गुमराह करके जारी करवाया था। सेना हैड क्वार्टर अंबाला से जब प्रमाण जांच पड़ताल के लिए तहसील कार्यालय को प्राप्त हुआ तो सोहन चौहान वास्तव में चमार जाति से संबंधित था। उन्होंने कहा कि इन तमाम पहलुओं को देखने के उपरांत उमरी निवासी कृष्ण कुमार, सलपानी कला निवासी हरदीप सिंह और जिरबड़ी निवासी सोहन चौहान के प्रमाण पत्रों को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।