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Kurukshetra News: गेहूं की जांच के लिए उतरी टीम

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कुरुक्षेत्र। मार्च माह में हुई बेमौसमी बारिश ने इस बार पीले सोने (गेहूं) की चमक कम कर दी है। इससे लस्टर लॉस के साथ-साथ डैमेज और अन्य गुणवत्ता भी घटी है। इसे लेकर किसान और आढ़ती परेशान हैं। इस बीच केंद्रीय सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की ओर से गेहूं की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की टीमें फील्ड में उतरी हैं, जिसने मंडियों से गेहूं के सैंपल लेने के साथ ही फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया व जिला स्तर पर लैब में जांच शुरू कर दी है। इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। ऐसे में लस्टर लॉस व डैमेज को लेकर आढ़तियों से लेकर किसानों को भी राहत की उम्मीद जगी है।
एफसीआई के हैदराबाद स्थित क्वालिटी कंट्रोल सेल की टीमें शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के साथ-साथ करनाल व अन्य जिलों की मंडियों में पहुंची, जहां अलग-अलग अनाज मंडियों से गेहूं के पांच से छह सैंपल लिए गए। सेल के क्षेत्रीय निदेशक एमजेड खान के नेतृत्व में कुरुक्षेत्र पहुंची टीम ने कुरुक्षेत्र, पिपली, लाडवा व शाहाबाद की अनाज मंडियों से सैंपल लिए तो एफसीआई की स्थानीय लैब में ही इनकी देर रात तक जांच भी की जाती रही। टीम में टेक्निकल ऑफिसर नवीन, किरन व बसंत भी शामिल रहे। टीम के साथ जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सुरेंद्र सैनी, एफसीआई के जिला प्रबंधक मंजूनाथ ए होंगल भी रहे।
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उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने लिखी थी केंद्रीय मंत्री को चिट्ठी
व्यापारियों व किसानों ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से बारिश में खराब हुई फसल पर इस बार लस्टर लॉस व डैमेज को लेकर तय शर्तों में ढील दिए जाने की मांग की थी। उपमुख्यमंत्री ने पांच अप्रैल को ही केंद्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखा था।
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50 फीसदी तक लस्टर लॉस में छूट की उम्मीद
थानेसर नई अनाजमंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान माया राम चंद्रभानपुर का कहना है कि टीम ने सैंपल लिए हैं। उम्मीद है कि सरकार इस बार लस्टर लॉस में 50 फीसदी व डैमेज में 10 फीसदी तक छूट देगी। इससे आढ़तियों व किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। उनका कहना है कि चमक कम होने व डैमेज ( बारिक व टूटा दाना) अधिक होने पर एजेंसियों द्वारा खरीदे गए गेहूं को एफसीआई मानक अनुसार न पाए जाने पर लौटा भी सकती है, जिसका ज्यादा नुकसान आढ़तियों को ही होगा। छूट मिलने पर इसमें राहत मिलेगी।
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