संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। पिपली के लघु चिड़िया घर में शेरनी साक्षी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। 11 साल की साक्षी पांचवीं बार मां बनी है। फिलहाल शेरनी और शावक दोनों ही स्वास्थ्य हैं। पशु चिकित्सकों की सलाह के अनुसार उन्हें भोजन दिया जा रहा है। चिड़ियाघर के अधिकारी भी शेरनी और शावक पर सीसीटीवी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि पिछली बार साक्षी के तीन शावकों में से एक की मौत हो गई थी। पिछले महीने जन्मे शावक अब एक महीने के हो चुके हैं। मां का दूध पीने के साथ ही अब वे उसकी नकल करने की कोशिश करते हैं।
साक्षी ने पहली बार दो दिसंबर 2016 को दो और पांच मई 2017 को तीन शावकों को जन्म दिया था, मगर इन सब शावकों की मौत हो गई थी। तीसरी बार जून 2018 को साक्षी ने पांच शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से दो की मौत 24 घंटे बाद हो गई थी। इसमें जीवित तीन शावक सुधा, गीता व अर्जुन को अमेरिका से दूध मंगा कर पाला गया। फिलहाल तीनों शावक रोहतक के चिड़ियाघर में हैं। 17 मई 2020 को साक्षी ने तीन शावकों को जन्म दिया था, जिसमें एक शावक की कमजोरी के कारण 48 घंटे के अंदर ही मौत हो गई थी। अब पांचवी बार साक्षी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। अभी शावकों का कोई नामकरण नहीं किया गया है। पर्यटकों को भी उनके बाड़े के पास जाने की इजाजत नहीं है। साक्षी को भोजन भी एक कर्मी द्वारा ही दिया जा रहा है। वहीं सुरक्षा के लिहाज से शावकों के पिता गीत को परिवार से अलग दूसरे बाड़े में रखा गया है। साक्षी के गर्भवती होने केे बाद ही गीत को उससे अलग कर दिया गया था।
अभी तक साक्षी ने 16 शावकों को जन्म दिया है, जिनमें से आठ शावकों की मौत उनके जन्म के कुछ समय बाद हो गई थी। इस बार अधिकारी कोई जोखिम नहीं लेना चाहते थे। अधिकारियों की यह मुहिम रंग भी लाई है। साथी और उसके तीनों शावक सेहतमंद और स्वस्थ है। हालांकि शावक अपनी मां पर ही निर्भर है। भोजन के नाम पर शावक मां का दूध ही पी रहे हैं। जन्म के बाद साक्षी और शावकों के स्वास्थ्य की जांच की गई थी। हालांकि अभी भी समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है।
साक्षी से दो साल बड़ा गीत
साक्षी और शेर गीत को 2015 में गुजरात के जूनागढ़ से लाया गया था। गीत साक्षी से दो साल बड़ा है। गीत को परिवार से अलग रखा गया है। हालांकि उस पर भी अधिकारी नजर रख रहे हैं। शावकों के जन्म से चिड़ियाघर में खुशी का माहौल है।