कुरुक्षेत्र। शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डिजिटल तकनीक तेजी से अपनी जगह बना रही है। शिक्षकों को भी बदलते समय के साथ नई तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र में दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में शिक्षकों को एआई आधारित शिक्षण उपकरणों और डिजिटल तकनीकों के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन इन टीचिंग (एडटेक टूल्स) विषय पर आयोजित कार्यशाला में आईआईटी जम्मू के निदेशक प्रो. मनोज सिंह गौर ने कहा कि आधुनिक तकनीक का सही उपयोग शिक्षण को अधिक प्रभावी और विद्यार्थी केंद्रित बना सकता है। एनआईटी निदेशक प्रो. ब्रह्मजीत सिंह ने कहा कि डिजिटल तकनीक और एआई अब शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इसलिए शिक्षकों को भी नई शिक्षण पद्धतियों को अपनाना होगा।
दो दिनों तक चले तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने एआई की मदद से पाठ योजना तैयार करने, डिजिटल अध्ययन सामग्री विकसित करने, ऑनलाइन मूल्यांकन, इंटरएक्टिव पोलिंग, ब्लेंडेड और फ्लिप्ड क्लासरूम जैसी आधुनिक शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी।
कार्यशाला में एनआईटी के विभिन्न विभागों के शिक्षकों ने भाग लेकर इन तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग को समझा। कार्यशाला का आयोजन विद्युत अभियांत्रिकी विभाग ने किया। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. सतहंस रहे।