कुरुक्षेत्र। योगभ्यास करती हुई गीता स्कूल की शिक्षिकाएं। स्वयं
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कुरुक्षेत्र। विद्या भारती हरियाणा और हिंदू शिक्षा समिति ने शनिवार को गीता कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आचार्य दक्षता वर्ग आयोजित किया। इसमें शिक्षकों को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने बताया कि वैज्ञानिक सोच केवल विज्ञान तक सीमित नहीं है। यह तर्क, प्रश्न पूछने और प्रमाण के आधार पर निष्कर्ष निकालने की जीवन शैली है। बौद्धिक सत्र में आचार्या सुधा ने बच्चों में वैज्ञानिक सोच के विकास पर विचार रखे।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को ऐसी शिक्षण पद्धति अपनानी चाहिए जिससे विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तार्किक सोच और अवलोकन की क्षमता बढ़े। शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सोचने-समझने की क्षमता विकसित करना भी है। ममता और नीलम ने संगीत शिक्षण के दौरान शुद्ध एवं विकृत स्वरों का अभ्यास कराया। उन्होंने वाद्य यंत्रों के प्रशिक्षण की जानकारी भी दी। समता की आज्ञाओं का अभ्यास कराया गया और एकाग्रता बढ़ाने के लिए गतिविधियां हुईं। आचार्या वर्षाली ने प्रशिक्षण वर्ग की समीक्षा की।