कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री कार्यालय के शुक्रवार को घेराव के बाद अतिथि अध्यापकों के प्रतिनिधिमंडल को शाम छह बजे चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री से मिलने का समय दिया गया, लेकिन वहां मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। उनकी जगह शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा से हुई वार्ता भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। इसके बाद राजकीय अनुबंधित अध्यापक संघ ने आंदोलन तेज करने का ऐलान कर दिया।
शनिवार को लघु सचिवालय में धरना 40वें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता सेवानिवृत्त अतिथि अध्यापक राजकुमार कालीरमन ने की। राज्य प्रधान दिनेश यादव और महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष पूनम ने आरोप लगाया कि वार्ता के दौरान नियमितीकरण के मुद्दे पर बजट सहित अन्य कारण बताए गए, जिससे अतिथि अध्यापकों में निराशा है। संगठन ने घोषणा की कि 7 और 8 अगस्त को प्रदेशभर की महिला अतिथि अध्यापक कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला फूंकेंगी। इसके अलावा 6 सितंबर को शहीद बहन राजरानी के शहीदी दिवस पर राज्य स्तरीय रैली आयोजित की जाएगी।
नेताओं ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 की नियमितीकरण नीति को वैध माना है और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी अतिथि अध्यापकों के नियमितीकरण के पक्ष में आदेश दे चुका है। ऐसे में सरकार को सभी पात्र अतिथि अध्यापकों को नियमित कर लंबित लाभ देने चाहिए।