कुरुक्षेत्र। स्वामी ज्ञानानंद के जन्मदिन कार्यक्रम में शामिल होते कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा।
कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण कृपा गोशाला में स्वामी ज्ञानानंद ने शुक्रवार को गाय गोपाल और हनुमान के स्वरूप का लोकार्पण किया। इन स्वरूपों का पहले वैदिक रीति से आचार्य नरेश के नेतृत्व में ब्राह्मणों ने विधिवत पूजन किया। इसके बाद स्वामी ज्ञानानंद ने यज्ञ में पूर्णाहूति डाली। उन्होंने श्रद्धालुओं से गोसेवा, गीता पाठ और प्रतिदिन मंत्र जाप करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि गऊ सेवा और गीता पाठ के मूल में भगवान कृष्ण की कृपा है। जीवन को सार्थक ढंग से जीने के लिए गीता का पाठ करना चाहिए। जीवन की पूंजी आनंदमय है। इससे प्रभु की कृपा भी मिलती है। भगवान के प्रति समर्पित होकर जीवन जीने से प्रभु कृपा बनी रहती है। गीतापाठ से सात्विक वातावरण बनता है। जहां भगवान की कृपा होती है, वहीं आनंद होता है। कार्यक्रम में विशेष रूप से पहुंचे कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि देश संविधान और समाज संतों की वाणी से चलता है। स्वामी का जीवन गाय और गीता के प्रति समर्पित है। कुरुक्षेत्र की धरा पर युद्ध की भूमि में गीता उपदेश हुआ। सारे जीवन की समस्याओं का समाधान गीता में है। संतों की कृपा से जीवन सफल होता है। गोसेवा पर बल देते हुए राणा ने कहा कि सनातन संस्कृति में गोसेवा का बड़ा महत्त्व है। गाय के दूध में पांचों तत्व होते हैं। सनातन संस्कारों का पालन प्रत्येक व्यक्ति को करना चाहिए।
आयोजन में शामिल होने पर कृषि मंत्री, गोसेवा आयोग हरियाणा के चेयरमैन श्रवण गर्ग, महावीर मढाण, मदनमोहन छाबड़ा, विजय नरूला, कुंटिया अध्यक्ष रजवंत कौर, धीरज वालिया को स्वामी ने सम्मानित किया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण कृपा गोशाला के प्रधान सुनील वत्स, जीओ गीता के प्रधान डॉ. ऋषिपाल, संरक्षक हंसराज सिंगला, मंगतराम सिंगला, रमाकांत, पवन भारद्वाज, श्याम आहूजा, मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा, श्री हनुमान मंदिर सभा के प्रधान कृष्ण, फतेहचंद गांधी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद