कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र सूर्य ग्रहण का स्पर्श 8 बजकर 15 मिनट पर और 10 बजकर 55 मिनट पर मोक्ष का समय होगा। इस दौरान कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर, सन्निहित सरोवर, ज्योतिसर तीर्थ और पिहोवा तीर्थ सहित अन्य सरोवरों में लगभग कई लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाएंगे। इसके अलावा देश के कोने-कोने से महान साधु संत भी शाही स्नान करेंगे। इन संतों के लिए युधिष्ठिर घाट पर शाही स्नान की व्यवस्था की गई है। प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए हर प्रकार के पुख्ता इंतजाम किए गए है।
मेला प्रबंधों को लेकर अंबाला मंडल के आयुक्त विनीत गर्ग ने अधिकारियों से सूर्य ग्रहण मेले को लेकर की गई तैयारियों की फीडबैक रिपोर्ट ली। इसके उपरांत आयुक्त विनीत गर्ग, उपायुक्त डॉ. एसएस फुलिया, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, एडीसी पार्थ गुप्ता, एसडीएम अश्वनी मलिक, एसडीएम अनिल यादव, सीईओ केडीबी गगनदीप सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के तमाम साइटस का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और कमियों को दूर करने के आदेश भी दिए है। इतना ही नहीं सूर्य ग्रहण मेले के पल-पल की जानकारी, ट्रेनों और बसों की समय सारणी के साथ-साथ प्रत्येक सेक्टर मजिस्ट्रेट और आपातकालीन मोबाइल नंबर की जानकारी प्रशासन की वेबसाइट कुरुक्षेत्र डाटजीओवीडाटइन पर भी ली जा सकती है। प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए बिजली, पीने के पानी, शौचालयों की व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य प्रकार के इंतजाम कर दिए गए है। इस मेले में समाजसेवी संस्थाओं द्वार भंडारों का आयोजन शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की तरफ से भंडारों के लिए अलग जगह मुहैया करवाई गई है। उन्होंने कहा कि सूर्य ग्रहण मेले में भीड़ पर नियंत्रण रखने और सुरक्षा मुहैया करवाने के साथ-साथ कानून व्यवस्था बनाए रखने पर पुलिस का फोकस रहेगा।
इसलिए मेला क्षेत्र को 20 सेक्टरों में बांटा गया है। इसके अलावा पिहोवा, ज्योतिसर में भी पुलिस फोर्स की नियुक्ति की गई है। इस मेले में तकरीबन 5 हजार पुलिस कर्मचारियों की डयूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति को जहन में रखते हुए ब्रह्मसरोवर के चारों तरफ एक लेन को खाली रखा जाएगा, इसी तरह सेक्टर 2 केडीबी रोड से लेकर ब्रह्मसरोवर तक भी एक लेन को आपातकालीन स्थिति को जहन में रखते हुए खाली रखा गया है।
यह की गई है व्यवस्था
सूर्य ग्रहण मेले में 25 हेल्प डेस्क, 12 जगहों पर रिशेप्शन सेंटर, 2 मीडिया सेंटर, 20 हजार लोगों के लिए मेला क्षेत्र में सोने की व्यवस्था, ब्रह्मसरोवर की सदरियों में 5 हजार लोगों तथा धर्मशालाओं में करीब 20 हजार लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। पीने के पानी के लिए 200 अस्थायी टेप प्वाइंट, 40 पानी के टैंकर और 5 हजार कैम्परों की व्यवस्था की गई है, 850 केमिकल मोबाइल शौचालय, लाइटिंग, पार्किंग, बचाव टीमों, मेडिकल कैंप, 37 फायर फाइटिंग और 28 मेजर नाका प्वाइंट सहित तमाम प्रकार की व्यवस्थाएं की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए मेडिकल, पीने के पानी, शौचालयों, स्वागत कक्ष, बचाव टीमे, के ठहरने की व्यवस्था, बीमा की व्यवस्था, महिलाओं के लिए अलग से ब्रह्मसरोवर पर चैंज सुविधा, पहली बार वाटर, फायर प्रूफ टेटेंज,साधुओं की गरिमा को ध्यान में रखते हुए स्नान की व्यवस्था की है।सूर्य ग्रहण मेले पर 50 लाख की लागत से आटोमैटिक सफाई करने की मशीने पहुंची है। केडीबी के मेडिटेशन सेंटर में 500 लोगों के ठहरने तथा सभी स्वागत कक्षों पर दिव्यांगों के लिए 50 व्हील चेयर की व्यवस्था की गई है।
पर्यटकों को गाइड करने के लिए बनेंगे 12 जगहों पर स्वागत कक्ष
अतिरिक्त उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि प्रशासन की तरफ से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सही और सटीक जानकारी देने तथा गाइड करने के उद्देश्य से 12 स्वागत कक्ष भी स्थापित किए जाएंगे, जिनमें पिपली बस स्टैंड, केडीबी रोड़ अमीन चौक, रेलवे स्टेशन कुरुक्षेत्र पर 2, पुराना बस स्टेंड, पुराना रेलवे स्टेशन, पर्यटन सूचना केंद्र पिपली, पर्यटन सूचना केंद्र छठी पातशाही गुरुद्वारा के सामने तथा पर्यटन सूचना केंद्र नंदाजी स्मारक अर्जुन चौक, मिर्जापुर अस्थाई बस स्टैंड, नरकरतारी अस्थाई बस स्टैंड, झांसा रोड अस्थायी बस स्टैंड, नई अनाज मंडी अस्थाई बस स्टैंड, इत्यादि शामिल है। उन्होंने कहा कि इन स्वागत कक्षों के लिए अधिकारियों की ड्यूटियां लगा दी गई है और इन सभी जगहों पर बड़े-बड़े फ्लैक्स के माध्यम से मेला क्षेत्र का नक्शा, आपातकालीन नम्बर भी अंकित किए जाएंगे। सभी स्वागत कक्ष पर 25 दिसंबर से कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।